11 अगस्त, 2026 (संजीव शर्मा) चंडीगढ़ प्रशासन ने सरकारी मकानों में रहने वाले कर्मचारियों के लिए रूफटॉप सोलर ऊर्जा प्रणाली के उपयोग से संबंधित विकल्प/अंडरटेकिंग फॉर्म जमा करने की समय-सीमा बढ़ा दी है। प्रशासन द्वारा आवंटित सरकारी मकानों में रहने वाले हरियाणा सरकार के कर्मचारी अब अपना विकल्प/अंडरटेकिंग फॉर्म 31 अगस्त, 2026 तक जमा कर सकेंगे।
हाउस अलॉटमेंट कमेटी ने स्पष्ट किया है कि यदि 31 अगस्त, 2026 तक किसी कर्मचारी का अंडरटेकिंग फॉर्म प्राप्त नहीं होता है, तो यह मान लिया जाएगा कि संबंधित कर्मचारी ने रूफटॉप सोलर ऊर्जा सुविधा का उपयोग करने के लिए अपनी सहमति प्रदान नहीं की है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की पहल के तहत सरकारी आवासीय इमारतों में रूफटॉप सोलर प्रणाली की 100 प्रतिशत स्थापना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है।
प्रशासन के अनुसार, सोलर खपत शुल्क (यूजर चार्ज) के संबंध में सरकारी कर्मचारियों से प्राप्त मांग-पत्रों के बाद यह प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके तहत कर्मचारियों को अंडरटेकिंग फॉर्म में दिए गए विकल्पों में से किसी एक का चयन करना होगा। वे या तो रूफटॉप सोलर प्लांट से उत्पन्न बिजली का उपयोग करने और निर्धारित उपभोक्ता शुल्क का भुगतान करने के लिए सहमति दे सकते हैं। इसके अलावा, वे इस सुविधा का उपयोग न करने का विकल्प चुन सकते हैं या यह भी बता सकते हैं कि यह विकल्प उन पर लागू नहीं होता।
अंडरटेकिंग में यह भी उल्लेख किया गया है कि जो कर्मचारी सोलर ऊर्जा का उपयोग करने का विकल्प चुनेंगे, उन्हें निर्धारित सोलर खपत शुल्क का भुगतान करना होगा और सोलर प्लांट के रखरखाव के लिए अधिकृत कर्मचारियों को परिसर में प्रवेश की अनुमति देनी होगी।
वहीं, जो कर्मचारी इस सुविधा का उपयोग नहीं करना चाहते, उनके मामले में रूफटॉप सोलर प्लांट से उत्पन्न होने वाली बिजली को प्रचलित नियमों के अनुसार ग्रॉस मीटरिंग प्रणाली के माध्यम से बिजली वितरण लाइसेंसधारी को ट्रांसफर किया जाएगा।







