अंबाला, 25 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि अंबाला छावनी में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ई.एस.आई.सी.) द्वारा 100 बिस्तरों के अत्याधुनिक अस्पताल की स्थापना के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एच.एस.वी.पी.) के सेक्टर-33 में 5.18 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री जल्द की जाएगी। इसके बाद जमीन का कब्जा भी शीघ्र ईएसआईसी को सौंप दिया जाएगा। अस्पताल के निर्माण से अंबाला सहित आसपास के क्षेत्रों और पड़ोसी जिलों के करीब 70 हजार बीमित श्रमिकों तथा उनके परिवारों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
श्री अनिल विज आज चंडीगढ़ में ईएसआईसी, श्रम विभाग और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ अंबाला छावनी में प्रस्तावित 100 बिस्तरों वाले ईएसआईसी अस्पताल की स्थापना को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने परियोजना से जुड़े विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को अस्पताल निर्माण से संबंधित सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।
ईएसआईसी अस्पताल की चारदीवारी का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू होगा: विज
श्री अनिल विज ने बताया कि अंबाला छावनी में स्थापित होने वाले ईएसआईसी अस्पताल की चारदीवारी का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही अस्पताल भवन का नक्शा तैयार करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे, ताकि निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में आगे बढ़ाया जा सके।
जमीन की रजिस्ट्री, कब्जा, चारदीवारी और निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश
बैठक में अधिकारियों ने श्री विज को बताया कि अंबाला छावनी के सेक्टर-33 में एचएसवीपी की 5.18 एकड़ जमीन पर ईएसआईसी द्वारा 100 बिस्तरों का अस्पताल स्थापित किया जाएगा। अस्पताल के लिए जमीन उपलब्ध करवाने के संबंध में केंद्र सरकार द्वारा करीब 13 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है।
श्री विज ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल की स्थापना से संबंधित सभी प्रक्रियाओं में तेजी लाई जाए। जमीन की रजिस्ट्री, कब्जा, चारदीवारी, भवन का नक्शा और निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि बीमित श्रमिकों और उनके परिवारों को जल्द से जल्द इस अस्पताल का लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से अंबाला छावनी में ईएसआईसी अस्पताल की स्थापना का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था। केंद्र सरकार ने प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए जमीन के लिए करीब 13 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। अस्पताल के स्थापित होने से अंबाला सहित आसपास के जिलों में रहने वाले करीब 70 हजार बीमित श्रमिकों और उनके परिवारों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
साहा औद्योगिक क्षेत्र और आसपास के जिलों के बीमित श्रमिकों को मिलेगा सीधा लाभ
श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि अंबाला छावनी और साहा औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर-33 के आसपास स्थित हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रमिक काम करते हैं। ऐसे में प्रस्तावित ईएसआईसी अस्पताल का लाभ साहा औद्योगिक क्षेत्र सहित अंबाला छावनी और आसपास के क्षेत्रों में काम करने वाले हजारों बीमित कर्मचारियों तथा उनके आश्रितों को सीधे तौर पर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यह अस्पताल अंबाला छावनी के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों और निकटवर्ती जिलों के बीमित श्रमिकों के लिए एक बड़ी स्वास्थ्य सुविधा साबित होगा। अस्पताल के स्थापित होने से मरीजों की उपचार के लिए दूर-दराज के अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
श्री विज ने कहा कि वह इस महत्वपूर्ण परियोजना को जल्द साकार करने के लिए पिछले काफी समय से केंद्र सरकार और संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंबाला छावनी में ईएसआईसी अस्पताल की स्थापना बीमित श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर, समयबद्ध, सुलभ और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस होगा अस्पताल
श्री अनिल विज ने बताया कि प्रस्तावित 100 बिस्तरों वाला अस्पताल अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस होगा। अस्पताल में आधुनिक प्रयोगशाला और नवीनतम चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे, जिससे मरीजों को एक ही स्थान पर विभिन्न प्रकार की जांच और उपचार की सुविधाएं मिल सकेंगी।
अस्पताल में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, एलएफटी, केएफटी, सीबीसी, लिपिड प्रोफाइल, यूरिन आरएम, ब्लड शुगर, एमआरआई और ईसीजी सहित रक्त एवं अन्य आवश्यक जांचों की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे बीमित व्यक्तियों को जांच के लिए अन्य स्वास्थ्य संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
इसके अलावा अस्पताल में मेडिसिन, सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, हड्डी रोग, ईएनटी, नेत्र रोग, त्वचा रोग, मनोचिकित्सा और आपातकालीन चिकित्सा जैसी प्रमुख विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। अस्पताल में 24×7 आपातकालीन एवं ट्रॉमा केयर, आधुनिक आईसीयू, उन्नत जांच सुविधाएं तथा इन-पेशेंट, आउट-पेशेंट और डे-केयर सेवाओं की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही मरीजों की आवश्यकता के अनुसार अन्य आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी।
श्री विज ने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य बीमित श्रमिकों और उनके परिवारों को उनके नजदीक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है, ताकि उन्हें समय पर उपचार मिल सके और गंभीर बीमारी की स्थिति में भी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।
बैठक में अधिकारियों ने श्रम मंत्री को बताया कि बहादुरगढ़ के ईएसआईसी अस्पताल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इसके अलावा राज्य के अन्य अस्पतालों और डिस्पेंसरी की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में श्रम विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव रंजन, श्रम आयुक्त विजय कुमार भावीकटी, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की प्रशासक श्रीमती मोनिका गुप्ता, ईएसआईसी के क्षेत्रीय निदेशक श्री हरिओम प्रकाश, ईएसआईएस की निदेशक श्रीमती अंजली सचदेवा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






