पटियाला, 03 सितंबर, (अमनदीप सरां): पटियाला जिले की हद के भीतर खाली पड़े प्लॉटों में कूड़ा-कर्कट, गंदगी और बारिश का रुका हुआ दूषित पानी जमा होने के कारण पैदा होने वाले बीमारियों के खतरे को गंभीरता से लेते हुए डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला मजिस्ट्रेट डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत सख्त आदेश जारी किए हैं। डिप्टी कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल कागजी आदेशों तक सीमित नहीं रहेगी। निजी एवं सरकारी खाली प्लॉटों की सफाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों के प्रमुखों द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी और कार्रवाई की निगरानी की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह पूरा कार्य 20 सितंबर 2026 तक हर हाल में पूरा करवाया जाए। यदि निर्धारित तिथि के बाद किसी निजी प्लॉट की सफाई का कार्य नगर निगम, नगर परिषद या पंचायत द्वारा करवाया जाता है, तो सफाई पर होने वाले खर्च की वसूली प्लॉट के कब्जाधारी/मालिक से की जाएगी। वसूली न होने की स्थिति में राजस्व रिकॉर्ड में आवश्यक प्रविष्टि दर्ज की जाएगी। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेशों के अनुसार पटियाला शहर में खाली पड़े प्लॉटों के मालिकों को अपने स्तर पर प्लॉटों में पड़े कूड़ा-कर्कट, गंदगी और जमा दूषित पानी को तुरंत साफ करवाना होगा। इसके अलावा खाली प्लॉटों के चारों ओर पक्की चारदीवारी या उचित फेंसिंग करवाना अनिवार्य होगा, ताकि प्लॉटों को कूड़ा डंप करने के स्थान के रूप में इस्तेमाल करने से रोका जा सके और सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे से बचाया जा सके।
डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने कहा कि खाली प्लॉटों में कूड़ा और गंदा पानी जमा होने से मच्छरों तथा अन्य बीमारी फैलाने वाले जीवों की उत्पत्ति होती है, जिससे आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। इसलिए सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि खाली प्लॉटों में गंदगी संबंधी सूचना देने के लिए लोग व्हाट्सऐप नंबर 959-200-3366 पर केवल मैसेज, फोटो या लोकेशन के माध्यम से सूचना दे सकते हैं।
आदेशों के अनुसार नगर निगम पटियाला के कमिश्नर और अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में इन आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेंगे। यह कार्रवाई पंजाब म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट, 1976, एनवायरनमेंट (प्रोटेक्शन) एक्ट, 1986 और म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट रूल्स, 2016 के तहत प्राप्त अधिकारों के अनुसार की जाएगी।
इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या संस्थान के खिलाफ सार्वजनिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के परिणामस्वरूप संबंधित नियमों के तहत जुर्माना एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा मामले दर्ज किए जाएंगे।