पटियाला, 03 सितंबर, 2026 (अमनदीप सभरवाल): “स्वर्गीय बापू स. अजीत सिंह तूर बहुत ही अपनत्वपूर्ण, स्नेह से ओत-प्रोत एवं धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन ईमानदारी और सादगी के साथ व्यतीत किया।” यह भाव पंजाब के मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान की धर्मपत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने आज ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री मोती बाग साहिब में स्वर्गीय स. अजीत सिंह तूर की अंतिम अरदास एवं श्रद्धांजलि समारोह के अवसर पर व्यक्त किए। इस अवसर पर श्री दरबार साहिब, अमृतसर के पूर्व हजूरी रागी भाई रविंदर सिंह के जत्थे द्वारा वैराग्यमयी कीर्तन किया गया, जबकि अरदास हेड ग्रंथी भाई हरविंदर सिंह ने की।
उल्लेखनीय है कि पंजाब के मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान की बहन बीबा मनप्रीत कौर के पति स. तरलोक सिंह तूर के पिता स. अजीत सिंह तूर करीब 80 वर्ष की आयु में कुछ समय अस्वस्थ रहने के बाद अकाल चलाना कर गए थे। उनकी अंतिम अरदास के अवसर पर मुख्यमंत्री की माता सरदारनी हरपाल कौर सहित पंजाब के कैबिनेट मंत्री एवं आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा, तरुणप्रीत सिंह सोंद और हरदीप सिंह मुंडियां, प्रदेश महासचिव बलतेज सिंह पन्नू, दिल्ली के विधायक जरनैल सिंह सहित बड़ी संख्या में आम आदमी पार्टी के विधायक, चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, अन्य नेता, रिश्तेदार एवं सगे-संबंधियों के अलावा बड़ी संख्या में राजनीतिक, धार्मिक एवं सामाजिक हस्तियों ने स्वर्गीय स. अजीत सिंह तूर को श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान की ओर से दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने कहा कि बापू स. अजीत सिंह तूर ने अपना पूरा जीवन सादगी एवं धार्मिक प्रवृत्ति के साथ व्यतीत करते हुए लोगों के बीच रहकर जनकल्याण के कार्य किए। उन्होंने कहा कि बापू अजीत सिंह का मिलनसार स्वभाव और सादगीपूर्ण जीवन हमेशा परिवार तथा उनके संपर्क में आने वाले लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने परमात्मा के समक्ष अरदास की कि परिवार को इस दुख को स्वीकार करने की शक्ति प्रदान करें और दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में शाश्वत निवास प्रदान करें।
डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने परिवार की ओर से समस्त संगत का धन्यवाद करते हुए कहा कि पिता का बिछोह परिवार के लिए अत्यंत दुखद होता है। बापू स. अजीत सिंह तूर के अकाल चलाने से तूर परिवार को कभी न पूरा होने वाला बड़ा घाटा पड़ा है। उन्होंने कहा कि स. तरलोक सिंह तूर और बीबा मनप्रीत कौर तूर ने अपने पिता की पूरी तनदेही एवं श्रद्धा से सेवा की, जो आज के समय में भी माता-पिता के प्रति सम्मान और सेवा-भावना की एक मिसाल है।

उन्होंने कहा कि भले ही आज के दौर में अक्सर यह सुनने को मिलता है कि बुजुर्गों की सेवा-संभाल की परंपरा कम होती जा रही है, लेकिन तूर परिवार ने अपने पिता की सेवा करके इस धारणा को गलत साबित किया और एक मिसाल कायम की है।
इस अवसर पर स्वर्गीय स. अजीत सिंह तूर की पत्नी सरदारनी हरजीत कौर तूर, पुत्री जसवीर कौर, पौत्र मनिंदरपाल सिंह एवं सुखविंदरपाल सिंह, नातिन नवजोत कौर, नाती के पति गुरप्रीत सिंह, परपौत्र हरसंजोग सिंह सहित बड़ी संख्या में परिवार के सदस्य एवं स्नेहीजन उपस्थित थे।





