हरियाणा , 03 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में बेसहारा गोवंश सड़कों पर नजर नहीं आना चाहिए। इसके लिए विशेष अभियान चलाकर बेसहारा पशुओं को पकड़ने और प्रत्येक पशु की टैगिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पशुओं की पहचान सुनिश्चित होने से यदि कोई पशु किसी घर या गौशाला से बाहर आता है तो संबंधित पशुपालक की जिम्मेदारी तय कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी बुधवार को सचिवालय में गौ सेवा आयोग और पशुपालन विभाग की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान हरियाणा के कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद रहे। बैठक में प्रदेश में बेसहारा गोवंश की समस्या, गौशालाओं की व्यवस्था, गो-अभयारण्यों, नस्ल सुधार और गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। पशुपालन विभाग के अधिकारियों और हरियाणा गौ सेवा आयोग के चेयरमैन श्री रामचंद कंबोज ने भी बेसहारा पशुओं तथा गौशालाओं में मौजूद गोवंश के संबंध में अपने सुझाव रखे।
मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश में अभियान चलाकर प्रत्येक गोवंश की टैगिंग की जाए। शहरी स्थानीय निकायों द्वारा पकड़े गए पशुओं को गौशालाओं में छोड़े जाने के समय भी उनकी टैगिंग अनिवार्य रूप से की जाए, ताकि हर पशु की पहचान सुनिश्चित हो सके।
पशुओं को खुले में छोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कई बार कुछ पशुपालक सुबह और शाम पशुओं का दूध निकालने के बाद उन्हें खुले में घूमने के लिए छोड़ देते हैं। इसके कारण पशु सड़कों पर बेसहारा अवस्था में दिखाई देते हैं। ऐसे मामलों में संबंधित पशुपालक की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने पर चर्चा हुई।
पहली बार पशु पकड़े जाने पर 11 हजार रुपये, दूसरी बार 21 हजार रुपये का जुर्माना और तीसरी बार पशु पकड़े जाने पर एफआईआर दर्ज करने जैसी सख्त कार्रवाई का प्रावधान किए जाने पर चर्चा हुई। इसके अलावा ऐसे पशुपालकों को सरकार द्वारा पशुओं के लिए दी जाने वाली सुविधाओं, जैसे टीकाकरण और बीमा प्रीमियम आदि से वंचित करने तथा उनका नाम नेगेटिव लिस्ट में शामिल करने की व्यवस्था पर भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पकड़े गए पशुओं को निर्धारित कार्रवाई पूरी किए बिना वापस नहीं किया जाना चाहिए।
बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए जिलावार होंगे टेंडर
मुख्यमंत्री ने बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए पूरे प्रदेश में जिलावार टेंडर करने के निर्देश दिए, ताकि विशेष अभियान को प्रभावी ढंग से चलाया जा सके।
गो-अभयारण्यों की व्यवस्था के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में उचित फेंसिंग करवाई जाए। पशुओं को रखने वाले क्षेत्र में चारदीवारी की व्यवस्था की जाए, जबकि शेष क्षेत्र में हरे चारे की बुवाई करवाई जाए। गो-अभयारण्यों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाए।
गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
बैठक में गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने, गोवंश के बेहतर रखरखाव, नस्ल सुधार तथा गौशालाओं में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने गौशालाओं को मजबूत करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा गौ सेवा आयोग इस दिशा में विशेष कार्य करते हुए गौशालाओं के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखे।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 707 गौशालाएं पंजीकृत हैं, जिनमें करीब 4 लाख गोवंश मौजूद है।
आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए योजना बनाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आवारा कुत्तों की समस्या का भी संज्ञान लेते हुए इसके प्रभावी समाधान के लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शहरी स्थानीय निकाय विभाग और पशुपालन विभाग संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार आपसी तालमेल से कार्य करें।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, पशुपालन विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक मीणा, पशुपालन विभाग के महानिदेशक डॉ. प्रेम सिंह सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।





