चंडीगढ़, 10 सितंबर 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज करते हुए 18 से 30 सितंबर तक 12 दिनों की राज्यव्यापी यात्रा निकालने की तैयारी की है। यह यात्रा राज्य के चार अलग-अलग ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों से एक साथ शुरू की जाएगी और इसका समापन जालंधर में होगा।
भाजपा की इस मुहिम का मुख्य केंद्र नशे की समस्या रहेगा। पार्टी नशा तस्करी, कानून-व्यवस्था और शासन से जुड़े मुद्दों को आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए प्रमुख राजनीतिक मुद्दों के रूप में उठाने की तैयारी कर रही है।
चार ऐतिहासिक स्थलों से होगा आगाज: उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यात्रा की चार धाराएं पठानकोट, फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का और तलवंडी साबो से शुरू होंगी। पठानकोट में माधोपुर के निकट डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मारक, फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का स्थित वीर भूमि/आसफवाला वार मेमोरियल और तलवंडी साबो स्थित तख्त श्री दमदमा साहिब को यात्रा के शुरुआती केंद्रों के रूप में चुना गया है।
भाजपा नेताओं के अनुसार, इन स्थानों के चयन के पीछे धार्मिक भावना, सैन्य वीरता और पार्टी की वैचारिक विरासत को एक राजनीतिक अभियान के साथ जोड़ने का प्रयास है।
117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंच बनाने की कोशिश: पार्टी की योजना के अनुसार, यह मुहिम पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंच बनाने का प्रयास करेगी। इस दौरान स्थानीय स्तर पर लोगों से संपर्क, जनसभाएं और अन्य राजनीतिक गतिविधियां आयोजित किए जाने की तैयारी है। युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विभिन्न स्थानों पर बाइक रैलियां भी आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
अमित शाह और नितिन नबीन होंगे प्रमुख चेहरे: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन द्वारा 18 सितंबर को यात्रा की शुरुआत से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लेने की संभावना है। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह यात्रा के समापन समारोह में शामिल होंगे और जालंधर में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करने की संभावना है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री भी यात्रा के विभिन्न चरणों में शामिल होंगे। रूट, नेताओं की जिम्मेदारियों और अन्य विस्तृत कार्यक्रम को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी बताई जा रही है।
जालंधर में होगा समापन: 12 दिनों की यह राज्यव्यापी मुहिम 30 सितंबर को जालंधर में समाप्त होने की संभावना है। समापन के अवसर पर अमित शाह की बड़ी जनसभा को भाजपा के लिए पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
इस यात्रा के माध्यम से भाजपा एक ओर नशे के मुद्दे को केंद्र में लाने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अपने संगठन और जनसंपर्क को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है। आने वाले दिनों में इस मुहिम का विस्तृत रूट और अंतिम कार्यक्रम स्पष्ट होने की उम्मीद है।






