टोहाना, 14 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत गांव सिम्बल वाला में माता-पिता एवं अभिभावकों को बच्चों के समुचित पोषण तथा प्रारंभिक बाल विकास के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर करमजीत कौर ने अभिभावकों को बच्चों के साथ नियमित रूप से बातचीत करने, उन्हें पर्याप्त समय देने तथा खेल एवं सीखने की गतिविधियों में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया।
सुपरवाइजर करमजीत कौर ने बताया कि पोषण माह का मुख्य विषय “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” है। इसी उद्देश्य के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों एवं समुदाय स्तर पर बच्चों के पोषण के साथ-साथ उनके प्रारंभिक मानसिक एवं बौद्धिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर विकास के लिए केवल पौष्टिक आहार ही नहीं, बल्कि माता-पिता का प्यार, संवाद, खेल और सीखने का अवसर भी बेहद आवश्यक है।
उन्होंने अभिभावकों को समझाया कि 0 से 3 वर्ष की आयु के बच्चों के साथ बातचीत करना, उनसे प्यार से बात करना, मुस्कुराना, गाना गाना और खेलना उनके प्रारंभिक विकास के लिए उपयोगी है। वहीं 3 से 6 वर्ष के बच्चों को कहानी सुनाने, कविताएं एवं राइम्स करवाने तथा सरल खेल आधारित गतिविधियों में शामिल करने से उनकी सीखने की क्षमता, भाषा कौशल और आत्मविश्वास को बढ़ावा मिलता है।
करमजीत कौर ने कहा कि माता-पिता बच्चों के साथ रोज कुछ समय अवश्य बिताएं और उनसे बातचीत करते हुए उनकी बातों को ध्यान से सुनें। घर पर उपलब्ध साधारण वस्तुओं एवं खेल गतिविधियों के माध्यम से भी बच्चों को रोचक ढंग से सीखने के अवसर दिए जा सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि बच्चों को मोबाइल एवं अन्य स्क्रीन पर अधिक समय देने के बजाय उनके साथ बातचीत, खेल और रचनात्मक गतिविधियों में समय बिताएं।
सुपरवाइजर ने अभिभावकों को प्रेरित किया कि वे आंगनवाड़ी केंद्र की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लें और बच्चों के पोषण एवं प्रारंभिक विकास से संबंधित जानकारी को घर पर भी अपनाएं। उन्होंने कहा कि माता-पिता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की संयुक्त सहभागिता से ही बच्चों को स्वस्थ, पोषित एवं सीखने के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।
इस अवसर पर अभिभावकों को बच्चों के साथ घर पर दोहराई जा सकने वाली सरल खेल एवं सीखने की गतिविधियों का प्रदर्शन भी किया गया तथा उन्हें बच्चों के पोषण, देखभाल और प्रारंभिक विकास के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता परमजीत सहित गांव के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।






