शाहबाद 19 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): उपमंडल अधिकारी नागरिक शंभू राठी ने कहा कि सभी नोडल अधिकारी व कर्मचारी अपने अपने गावों में किसानों को जागरूक करे कि कोई भी किसान धान के फसल अवशेषों को आग न लगाए यदि कोई किसान धान के फसल अवशेषों में आग लगाता पाया गया तो उस किसान पर 2 एकड़ तक 5 हजार रुपए, 2 से 5 एकड़ तक 10 हजार रुपए व 5 एकड़ से अधिक पर 30 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान है। इसके साथ ही उस किसान के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाएगी व दो साल तक मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर उसका पंजीकरण रोक दिया जाएगा और भूमि रिकॉर्ड में उसकी रेड एंट्री की जाएगी।
उपमंडल अधिकारी नागरिक शंभू राठी आर्य कन्या महाविद्यालय शाहबाद में फसल अवशेष प्रबंधन खरीफ-2026 के तहत आयोजित एक बैठक में फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित नोडल अधिकारियों की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि सभी अधिकारी निरंतर फील्ड में रहकर नजर रखें और कहीं पर भी खेतों में फसल अवशेषों को आग लगाने की सूचना मिले तो तुरंत नियमानुसार कार्रवाई करना सुनिश्चित करे। विशेष रूप से सायं के समय ज्यादा ध्यान रखे।
नोडल अधिकारी डा. जितेंद्र मेहता ने कहा कि फसल अवशेषों में आग लगाने से भूमि के अंदर मौजूद लाभदायक जीवाणु नष्ट हो जाते है जिससे कि पौधों तक भोजन पहुंचाने की प्रक्रिया रुक जाती है और भूमि की उपजाऊ शक्ति कम हो जाती है और वह धीरे धीरे बंजर बन जाती है। इसलिए किसान भाई चॉपर, मल्चर व सुपर सीडर के द्वारा फसल अवशेषों को मिट्टी में मिला कर (इन-सीटू) भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ा सकते है। इसके साथ ही सब्जी वाली फसलों की काश्त करने वाले किसान स्ट्रॉ बेलर (एक्स-सीटू) के द्वारा अपने अवशेषों की गांठ बनवा सकते है। जो भी किसान इन विधियों का उपयोग करता है तो उसे 1200 रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। खंड शाहबाद में पर्याप्त मात्रा में बेलर उपलब्ध है और किसी भी किसान को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
खंड कृषि अधिकारी डा. ओम प्रकाश ने कहा कि शाहबाद के किसान प्रगतिशील किसान है, पिछले वर्ष भी किसानों ने फसल अवशेषों में आग नहीं लगाई थी और प्रशासन का पूरा सहयोग किया था। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि खंड शाहबाद क्षेत्र के किसान इस वर्ष भी प्रशासन का पूरा सहयोग करें और फसल अवशेषों में आग ना लगाए। इस मौके पर कृषि विभाग, पंचायत विभाग, बागवानी विभाग, पशुपालन विभाग, राजस्व विभाग व पुलिस विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।






