कुरुक्षेत्र 19 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा सरकार के स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट के स्टेट सपोर्ट मिशन की पहल पर शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय में हरियाणा सामाजिक-सांस्कृतिक डेटा ऑब्जर्वेटरी पर जिला-स्तरीय हितधारक परामर्श बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने की। इस बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों सहित संबंधित तहसीलदार शामिल हुए।
स्टेट सपोर्ट मिशन का प्रतिनिधित्व एसजेएचआईएफएम की संयुक्त निदेशक और एसएसएम की नोडल अधिकारी डॉ. नीरू तथा एसएसएम की कंसल्टेंट (निगरानी और मूल्यांकन) दीपा बिष्ट ने किया। यह परामर्श बैठक प्रस्तावित एचएससीडीओ पर केंद्रित थी। इसका उद्देश्य हरियाणा के सामाजिक-सांस्कृतिक संसाधनों का एक व्यापक डिजिटल डेटाबेस (रिपॉजिटरी) तैयार करना है। इन संसाधनों में सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक व्यवसाय और कौशल, लोक परंपराएं, भाषाएं और बोलियां, त्योहार, खान-पान की आदतें, सामुदायिक ज्ञान और विरासत तथा पर्यटन से जुड़ी संपत्तियां शामिल है। बैठक में डेटा की उपलब्धता, उत्तरदाताओं और संस्थानों की पहचान, स्थानीय सांस्कृतिक संपत्तियों के दस्तावेजीकरण और फील्ड-स्तर पर कार्यान्वयन की प्रक्रियाओं पर चर्चा की गई।
हितधारकों ने सामुदायिक-आधारित डेटा संग्रह, तस्वीरों और जियो-टैगिंग के माध्यम से दस्तावेजीकरण, तथा एकत्रित जानकारी की प्रामाणिकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए सत्यापन प्रक्रियाओं पर भी विचार-विमर्श किया। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कुरुक्षेत्र की अनूठी सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत को व्यवस्थित रूप से दर्ज करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इस पहल के सफल कार्यान्वयन के लिए फील्ड-स्तर के हितधारकों के साथ प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने में जिला प्रशासन के सहयोग का आश्वासन दिया। परामर्श के दौरान प्राप्त सुझाव और इनपुट, पूरे हरियाणा में एचएससीडीओ को बड़े पैमाने पर शुरू करने से पहले इसके प्रश्नावली, फील्ड कार्यप्रणाली और कार्यान्वयन ढांचे को बेहतर बनाने में मदद करेंगे।






