टोहाना, 21 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): राधाष्टमी के पावन अवसर पर मेन पार्किंग, रेलवे रोड, टोहाना में ‘श्री राधा नाम संकीर्तन’ कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया गया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर श्री राधा नाम का संकीर्तन किया और भक्तिमय वातावरण में आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की।
पूज्य प्रेमानंद जी महाराज की प्रेरणा से श्री राधा नाम पदयात्रा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ श्री राधा नाम का गुणगान किया। संकीर्तन के दौरान पूरा कार्यक्रम स्थल भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया। श्रद्धालुओं में कार्यक्रम को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने राधाष्टमी के पावन पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राधाष्टमी प्रेम, भक्ति, श्रद्धा और समर्पण का संदेश देने वाला पावन पर्व है। भारतीय संस्कृति में धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों का विशेष महत्व रहा है। ऐसे आयोजन लोगों को अपनी सनातन संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने के साथ-साथ समाज में आपसी भाईचारे एवं सद्भाव की भावना को भी मजबूत करते हैं।
राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा कि श्री राधा नाम संकीर्तन जैसे आयोजन आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का कार्य करते हैं। सामूहिक रूप से किए जाने वाले ऐसे आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाते हैं और लोगों में प्रेम, सेवा, सहयोग तथा सद्भाव की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि संत-महात्माओं की प्रेरणा से आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रम हमारी युवा पीढ़ी को अपनी गौरवशाली संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की परंपराएं केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें समाज को एकजुट करने, मानवता की सेवा करने और परस्पर प्रेम एवं सद्भाव के साथ आगे बढ़ने का संदेश भी निहित है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से इन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम में नगर परिषद अध्यक्ष नरेश बंसल, मंडल अध्यक्ष रमन मड़िया, रविंद्र मेहता, अनिल मेहता, डा. शिव सचदेवा, सज्जन बंसल, केडी शर्मा, आशीष कौशिक लक्ष्य सैन, सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।






