Tuesday, September 29, 2026
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विद्यार्थियों को बाल संरक्षण एवं कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक

कुरुक्षेत्र 22 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा):  जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम नीतिका भारद्वाज ने कहा कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल के मार्गदर्शन में डीएलएसए द्वारा वीर अभिमन्यु सीनियर सेकेंडरी स्कूल अमीन तथा सहारा कंप्रिहेंसिव स्कूल अमीन रोड कुरुक्षेत्र में कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बाल लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो अधिनियम) के उद्देश्यों एवं प्रमुख प्रावधानों के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बाल शोषण, यौन अपराध, हिंसा एवं उत्पीड़न की स्थिति में अपराध की सूचना देने तथा सहायता प्राप्त करने के उपलब्ध माध्यमों के बारे में भी जागरूक किया गया।
सीजेएम नीतिका भारद्वाज ने कहा कि इस अवसर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की बच्चों के लिए बाल-मित्र विधिक सेवाएं योजना 2024 के बारे में जानकारी देते हुए बच्चों को शोषण, दुर्व्यवहार एवं हिंसा से संरक्षण के संबंध में उनके कानूनी अधिकारों से अवगत करवाया गया। इसके साथ ही राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की मानसिक बीमारी से ग्रस्त व्यक्तियों एवं बौद्धिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को विधिक सेवाएं योजना 2024, दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 तथा दिव्यांगजनों के लिए उपलब्ध कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई। विद्यार्थियों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की नशा-मुक्त भारत के लिए नशा जागरूकता एवं कल्याण मार्गदर्शन योजना 2025 के माध्यम से नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों एवं नशे से दूर रहने के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 की धारा 27 के प्रावधानों के बारे में भी जानकारी दी गई।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के संदर्भ में शिक्षा के अधिकार, बाल संरक्षण कानूनों एवं बच्चों को प्राप्त विभिन्न अधिकारों और सुविधाओं के बारे में भी जागरूक किया गया। विद्यार्थियों को विश्व पर्यावरणीय स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा कानूनी अधिकारों के बीच संबंध के बारे में भी समझाया गया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग रहने तथा किसी भी प्रकार की समस्या अथवा कानूनी आवश्यकता होने पर उपलब्ध विधिक सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया।

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