Monday, September 28, 2026
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पंजाब के होशियारपुर में बाबा श्री चंद जी महाराज के 532वें प्रकाश पर्व और सर्वधर्म सम्मेलन में शामिल हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री

हरियाणा और पंजाब की सभ्यता, संस्कृति और संतों की विरासत साझा—मुख्यमंत्री

होशियारपुर/हरियाणा, 27 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा):  हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि तप, संयम और आत्म-अनुशासन ही मानव जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। असली जीत किसी दूसरे को हराने में नहीं, बल्कि अपने भीतर के क्रोध, लोभ, अहंकार और नफरत पर विजय प्राप्त करने में है।

मुख्यमंत्री शनिवार को पंजाब के होशियारपुर में प्रथम पातशाही श्री गुरु नानक देव जी के ज्येष्ठ पुत्र बाबा श्री चंद जी महाराज के 532वें प्रकाश पर्व और पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित ‘सर्वधर्म सम्मेलन’ को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

कार्यक्रम में पहुंचे संतों और धर्माचार्यों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न धर्मों की पूजा पद्धतियां, प्रार्थना के तरीके, वेशभूषा और भाषाएं भले ही अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन सभी का लक्ष्य एक ही है—मनुष्य के भीतर प्रेम जगाना, अहंकार को समाप्त करना, दुखी और जरूरतमंद की सेवा करना तथा परमात्मा से जुड़ना। उन्होंने कहा कि यह सर्वधर्म सम्मेलन पंजाब की उस महान संस्कृति का जीवंत संदेश है, जो दिलों को जोड़ती है और मानवता को सर्वोच्च स्थान देती है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बाबा श्री चंद जी महाराज के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष 1494 में जन्मे बाबा श्री चंद जी का जीवन वैराग्य, तप और साधना की अनूठी मिसाल है। संतों ने कठिन दौर में धार्मिक स्थलों की सेवा-संभाल करने के साथ-साथ श्री गुरु नानक देव जी के संदेशों को घर-घर पहुंचाने में अमूल्य योगदान दिया।

मुख्यमंत्री ने श्री गुरु नानक देव जी की 16वीं पीढ़ी के वंशज और कार्यक्रम के आयोजक श्रद्धेय बाबा सुखदेव सिंह बेदी जी का धन्यवाद किया, जिन्होंने इस पावन प्रकाश पर्व को सर्वधर्म सम्मेलन से जोड़कर पूरे समाज को एक मंच पर लाने का कार्य किया।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा और पंजाब केवल भौगोलिक रूप से ही एक-दूसरे के निकट नहीं हैं, बल्कि दोनों राज्यों की सभ्यता, संस्कृति और संतों की विरासत भी साझा है। हरियाणा की पावन धरती पर कुरुक्षेत्र, पेहोवा, कैथल, जींद, सिरसा और अंबाला जैसे कई स्थानों पर गुरु परंपरा और उदासी संतों की पावन स्मृतियां आज भी जीवंत हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती पर भी उन्हें हमेशा अपनापन और भाईचारे का अनुभव होता है।

मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की कि आज नशा, हिंसा, तनाव और भटकाव युवा शक्ति को कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बाबा श्री चंद जी महाराज से आत्म-अनुशासन, श्री गुरु नानक देव जी से सेवा और गुरु परंपरा से साहस की प्रेरणा लेकर अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेल, रोजगार, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण में लगाएं।

गुरबाणी के संदेश ‘पवणु गुरु पाणी पिता माता धरत’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने धार्मिक आयोजनों को स्वच्छता, जल संरक्षण और पौधारोपण से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रकाश पर्व के अवसर पर पौधा लगाना, किसी जरूरतमंद की मदद करना और युवाओं को नशामुक्त बनाने का प्रयास करना ही बाबा श्री चंद जी महाराज के प्रति सच्ची श्रद्धा होगी।

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