चंडीगढ़, 28 सितंबर 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी फगवाड़ा में छात्रों के विरोध प्रदर्शन और हिंसा की घटनाओं के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को स्वयं विश्वविद्यालय पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने के लिए कहा है।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, भगवंत मान ने एल.पी.यू. मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। डीजीपी को मौके पर जाकर हालात का आकलन करने और मामले से संबंधित जानकारी हासिल करने के लिए कहा गया है।
यह कार्रवाई विश्वविद्यालय में कथित दुष्कर्म की घटना को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर की गई है। रविवार को सोशल मीडिया पर कथित घटना से संबंधित जानकारी फैलने के बाद बड़ी संख्या में छात्र एकत्रित हो गए थे। बाद में प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद पुलिस की भारी तैनाती करनी पड़ी।
सोमवार सुबह विश्वविद्यालय परिसर में स्थिति शांत रही। पुलिस अधिकारियों के अनुसार,एल.पी.यू. की ओर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं निलंबित किए जाने के बाद छात्र कैंपस से अपने घरों की ओर जाने लगे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय के सभी गेटों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कथित दुष्कर्म के मामले की जांच जारी है और अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि विश्वविद्यालय परिसर में ऐसी कोई घटना हुई थी। कथित घटना के आरोपी की पहचान भी अभी सामने नहीं आई है। इसके अलावा, हिंसा से जुड़े मामले में कई अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
इससे पहले पंजाब पुलिस की ओर से एल.पी.यू. में फ्लैग मार्च भी किया गया। ADGP फैयाज फारूकी के अनुसार, परिसर में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
जालंधर के पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने हॉस्टलों में गड़बड़ी की रिपोर्टों को अफवाह बताते हुए कहा कि सभी हॉस्टलों की जांच की गई है।
LPU प्रशासन ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं निलंबित कर दी हैं। मिड-टर्म परीक्षाएं भी अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई हैं। विश्वविद्यालय ने छात्रों को माता-पिता या अभिभावकों से सलाह करके अपने घर जाने तथा कैंपस में रहने वाले छात्रों को अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है।
फिलहाल पुलिस जांच पर ध्यान केंद्रित कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही कथित घटना और हिंसा से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






