हरियाणा, 28 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा सरकार की ओर से प्रदेश में बागवानी को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से ‘बागवानी फसलों की खेती के लिए अनुदान प्रावधान’ योजना लागू की गई है।
बागवानी विभाग, हरियाणा के एक प्रवक्ता ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सरकार प्रदेश के किसानों को फल, सब्जियां, फूल, मसाले और सुगंधित पौधों की खेती करने पर सब्सिडी प्रदान कर रही है। इस योजना के तहत आवेदन और अनुदान की सीमा भी निर्धारित की गई है। इसके अनुसार फलों के नए बाग लगाने और मसालों की खेती पर अधिकतम 5 एकड़ तक लाभ लिया जा सकता है। वहीं, सब्जियों की खेती के लिए सामान्य वर्ग के किसान अधिकतम 5 एकड़ और अनुसूचित वर्ग के किसान 1 एकड़ तक लाभ ले सकते हैं। फूलों और सुगंधित पौधों की खेती के लिए भी यह सीमा 5 एकड़ तक निर्धारित की गई है।
प्रवक्ता ने अनुदान राशि की जानकारी देते हुए बताया कि नए बाग लगाने पर किसानों को ₹24,500 से ₹1,40,000 प्रति एकड़ तक की ग्रांट दी जाएगी। सब्जियों की खेती के लिए सामान्य वर्ग को ₹15,000 प्रति एकड़ और अनुसूचित वर्ग को ₹25,500 प्रति एकड़ की दर से अनुदान दिया जाएगा। यह अनुदान मल्चिंग, लो टनल, ड्रिप या बांस की स्टेकिंग जैसे एकीकृत मॉडल अपनाने पर ही देय होगा।
इसी तरह मसालों की खेती पर ₹15,000 से ₹30,000 प्रति एकड़, फूलों की खेती पर ₹8,000 से ₹40,000 प्रति एकड़ और सुगंधित पौधों की खेती पर ₹8,000 प्रति एकड़ अनुदान का प्रावधान किया गया है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अनुदान की पूरी राशि सीधे लाभार्थी किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल और ‘हॉर्टनेट’ पर पंजीकरण होना अनिवार्य है। इसके साथ ही आवेदकों के पास व्यक्तिगत विवरण, परिवार पहचान-पत्र, बैंक खाते का पूरा विवरण (खाता नंबर, बैंक का नाम, शाखा और आईएफएससी कोड) तथा जरूरत पड़ने पर अनुसूचित वर्ग का प्रमाण पत्र होना आवश्यक है।
उन्होंने प्रदेश के सभी इच्छुक किसानों से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि विस्तृत जानकारी के लिए किसान अपने संबंधित जिला बागवानी अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं या टोल-फ्री नंबर 1800-180-2021 पर कॉल कर सकते हैं।