Wednesday, November 4, 2026
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लद्दाख को मिलेगी पहली सरकारी मेडिकल कॉलेज की सौगात, शैक्षणिक सत्र 2027-28 से शुरू करने की मंजूरी

लेह में मेडिकल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा, 103 नियमित पदों पर चरणबद्ध भर्ती का रास्ता साफ; 200 बिस्तरों वाला एसएनएच अस्पताल बनेगा क्लिनिकल ट्रेनिंग का आधार

लेह, 21 अक्टूबर 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): लद्दाख में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने शैक्षणिक सत्र 2027-28 से लेह में लद्दाख का पहला सरकारी मेडिकल कॉलेज शुरू करने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से कॉलेज के लिए स्वीकृत 103 नियमित पदों पर चरणबद्ध तरीके से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का रास्ता भी साफ हो गया है।

यह पहल केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने के अधिक अवसर उपलब्ध कराने और स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में योगदान देने के उद्देश्य से की गई है।

उपराज्यपाल की पहल पर केंद्र सरकार का फैसला

उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने 13 जुलाई, 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा को पत्र लिखकर मेडिकल कॉलेज की स्थापना से संबंधित नियमों में विशेष छूट देने का अनुरोध किया था।

उन्होंने मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी और सहायक कर्मचारियों की भर्ती शुरू करने से पहले बुनियादी ढांचे का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण पूरा होने की शर्त में राहत देने की मांग की थी। इसका उद्देश्य यह था कि कॉलेज के भवनों और अन्य सुविधाओं का निर्माण जारी रहने के साथ ही शैक्षणिक गतिविधियां शुरू होने से पहले आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था भी की जा सके।

मंत्रालय ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए 103 स्वीकृत नियमित पदों पर भर्ती को शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुसार चरणबद्ध तरीके से शुरू करने का रास्ता खोल दिया है। भर्ती की प्रक्रिया केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा निर्धारित आवश्यकताओं के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।

दो नई इमारतों का होगा इस्तेमाल

मेडिकल कॉलेज की तैयारियों के तहत दो नवनिर्मित इमारतों को अकादमिक ब्लॉक और विद्यार्थियों के छात्रावास के रूप में इस्तेमाल करने के लिए चुना गया है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और आवास संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा, लेह में पहले से मौजूद 200 बिस्तरों वाला एसएनएच (SNH) अस्पताल मेडिकल कॉलेज के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस अस्पताल में लगभग 60 अनुभवी डॉक्टर कार्यरत हैं। अस्पताल में एमबीबीएस विद्यार्थियों के पहले बैच को आवश्यक क्लिनिकल प्रशिक्षण देने की क्षमता होने की बात कही गई है।

हालांकि, कॉलेज में दाखिले, सीटों की संख्या, पाठ्यक्रम की अंतिम व्यवस्था और अन्य नियामकीय औपचारिकताओं से संबंधित विस्तृत जानकारी अलग से स्पष्ट होना आवश्यक है।

मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा लाभ

लद्दाख जैसे भौगोलिक रूप से दुर्गम क्षेत्र में सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना से स्थानीय विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के लिए दूसरे क्षेत्रों पर निर्भरता कम करने का अवसर मिल सकता है। इसके साथ ही भविष्य में प्रशिक्षित डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने और क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।

उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने लद्दाख में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।

सरकार की इस मंजूरी के बाद अब मेडिकल कॉलेज को शैक्षणिक सत्र 2027-28 से शुरू करने की दिशा में बुनियादी ढांचे, कर्मचारियों की नियुक्ति और आवश्यक शैक्षणिक तैयारियों को आगे बढ़ाना होगा।

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