डॉ. सुमिता मिश्रा ने सिविल सर्जनों को बिजली बैकअप, आपातकालीन सेवाओं, एंबुलेंस की उपलब्धता और कोल्ड चेन बनाए रखने के दिए निर्देश
हरियाणा , 22 अक्टूबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बिजली विभाग के कर्मचारियों की ओर से 22 से 24 अक्टूबर, 2026 तक घोषित तीन दिवसीय हड़ताल को देखते हुए प्रदेश के सभी सिविल सर्जनों और प्रधान चिकित्सा अधिकारियों (पीएमओ) को स्वास्थ्य सेवाओं तथा चिकित्सा संस्थानों का कामकाज निर्बाध रूप से जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
प्रस्तावित हड़ताल के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और आवश्यक चिकित्सा सेवाएं, आपातकालीन उपचार तथा महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी रहें।
जारी निर्देशों के अनुसार, सभी स्वास्थ्य संस्थानों को हड़ताल की अवधि के दौरान पर्याप्त जनरेटर सेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। जहां आवश्यकता हो, वहां निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए तुरंत जनरेटर सेट किराये पर लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभाग ने बिजली से जुड़ी किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटने के लिए इलेक्ट्रीशियनों की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सभी इलेक्ट्रीशियन अपने-अपने मुख्यालय पर तैनात रहेंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
प्रभावी समन्वय और त्वरित निर्णय सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारी का नाम, पद और मोबाइल नंबर तुरंत हस्ताक्षरकर्ता के कार्यालय को भेजना अनिवार्य किया गया है।
विभाग ने वैक्सीन और तापमान के प्रति संवेदनशील अन्य चिकित्सा सामग्री के सुरक्षित भंडारण के लिए कोल्ड चेन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है। सभी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि कोल्ड चेन में किसी भी प्रकार की बाधा से बचने के लिए जनरेटर सेट तैयार स्थिति में रखे जाएं।
इसके अलावा, सभी संस्थानों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने और हर समय एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। आपातकालीन मामलों के प्रबंधन में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।
स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों के साथ भी संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में आवश्यक समन्वय किया जा सके। निजी अस्पतालों को भी हड़ताल की अवधि के दौरान जनरेटर सेट सहित बिजली बैकअप की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि आवश्यक व्यवस्थाएं करने के लिए जरूरत पड़ने पर यूजर मनी फंड (User Money Fund) का इस्तेमाल किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेश के सभी सिविल सर्जनों और प्रधान चिकित्सा अधिकारियों को ये निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि 22 से 24 अक्टूबर, 2026 तक प्रस्तावित बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह सुचारू और निर्बाध बनी रहें।






