बलबेड़ा और पटियाला के आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न खाद्य कारोबारियों के प्रतिष्ठानों की जांच
पटियाला, 23 अक्टूबर, 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): खाद्य सुरक्षा टीम, पटियाला ने त्योहारी सीजन के दौरान अपनी जांच और निगरानी गतिविधियों को तेज कर दिया है। इसका उद्देश्य लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और घटिया, असुरक्षित तथा मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना है। यह जानकारी जिला स्वास्थ्य अधिकारी, खाद्य सुरक्षा विभाग, पटियाला, डॉ. गुरप्रीत कौर ने दी।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि 21 अक्टूबर को चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम ने बलबेड़ा और पटियाला के आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न खाद्य कारोबारियों के प्रतिष्ठानों की जांच की तथा अलग-अलग विक्रेताओं से प्रयोगशाला में जांच के लिए खाद्य पदार्थों के पांच नमूने लिए।
पटियाला के ताजपुरा स्थित मित्तल पतीसा हाउस की जांच के दौरान टीम ने वहां पतीसा और फेणी तैयार करने वाले स्थान पर बेहद गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियां पाईं। टीम को संदेह है कि बेसन से बना बताकर बेचे जा रहे पतीसे में मुख्य सामग्री के रूप में मैदे का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके अलावा, उत्पाद को पीला रंग देने के लिए उसमें नींबू-पीले रंग (लेमन येलो) का इस्तेमाल किए जाने का भी संदेह है। मौके पर लगभग 75 किलोग्राम मिल्क केक भी मिला। खाद्य कारोबारी ने बताया कि यह मिल्क केक किसी अन्य विक्रेता से खरीदा गया था, लेकिन जांच के दौरान वह आपूर्तिकर्ता की पहचान या पता नहीं बता सका।

डॉ. गुरप्रीत कौर ने बताया कि वहां पाई गई गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियों को देखते हुए कानूनी प्रक्रिया के तहत मित्तल पतीसा हाउस का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है और अगले आदेश तक वहां कारोबार करने पर रोक लगा दी गई है।
सितंबर से 21 अक्टूबर, 2026 तक की गई कार्रवाई की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग, पटियाला ने सितंबर और अक्टूबर 2026 के दौरान व्यापक स्तर पर निरीक्षण किए, खाद्य पदार्थों के नमूने लिए और कानूनी कार्रवाई की। इस अवधि के दौरान कुल 96 खाद्य नमूने एकत्र किए गए, लगभग 18 क्विंटल पनीर और 1,800 लीटर दूध जब्त किया गया। इसके अतिरिक्त, 21 अलग-अलग स्वास्थ्य सप्लीमेंट उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई की गई। खाद्य कारोबारियों के दो लाइसेंस निलंबित किए गए और दो चालान जारी किए गए।
उन्होंने आगे बताया कि विभाग नियमित निरीक्षण, खाद्य पदार्थों के नमूने लेने तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और इसके तहत बनाए गए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई के माध्यम से जनस्वास्थ्य की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
डॉ. गुरप्रीत कौर ने सभी खाद्य कारोबारियों से अपील की कि वे साफ-सफाई और स्वच्छता का उचित प्रबंध सुनिश्चित करें, केवल अनुमोदित सामग्री एवं खाद्य रंगों का इस्तेमाल करें, खाद्य उत्पादों के स्रोत का रिकॉर्ड रखें तथा खाद्य सुरक्षा से संबंधित सभी लागू नियमों और आवश्यकताओं का पालन करें।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहने की सलाह दी और कहा कि खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का संदेह होने पर वे इसकी सूचना विभाग को दें।






