नई दिल्ली, 28 अक्टूबर 2026 (छत्रपाल सिंह): ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए मोबाइल चार्जिंग से जुड़ी अहम खबर है। रेलवे बोर्ड ने ट्रेनों में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के पुराने नियम को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। 26 अक्टूबर को जारी निर्देशों के अनुसार, सभी जोनल रेलवे को इस व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करना होगा। नियमों की अनदेखी होने पर संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
रेलवे का यह कदम ट्रेनों में आग लगने और बिजली से संबंधित दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि केवल निर्देश जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना होगा कि निर्धारित छह घंटे की अवधि में चार्जिंग पॉइंट वास्तव में बंद रहें।
पावर बैंक में विस्फोट के बाद रेलवे सतर्क
चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के नियम को सख्ती से लागू करने का फैसला दक्षिण पूर्व रेलवे में पावर बैंक से जुड़ी एक घटना के बाद सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ट्रेन में चार्जिंग के दौरान एक यात्री का पावर बैंक फट गया, जिसके बाद उसमें से धुआं निकलने लगा। इस घटना ने ट्रेन के डिब्बों में मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चार्ज करने के दौरान संभावित सुरक्षा जोखिमों को लेकर चिंता बढ़ा दी।
ट्रेन के सीमित स्थान और यात्रियों की अधिक संख्या को देखते हुए आग या धुएं की घटना गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। ऐसे में रेलवे निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दे रहा है।
वर्ष 2014 के आदेश को फिर प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारी
रेलवे बोर्ड ने अपने नए निर्देश में 19 जून 2014 को जारी पुराने आदेश का भी उल्लेख किया है। इस आदेश के तहत रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक ट्रेन के डिब्बों में चार्जिंग पॉइंट बंद रखने की व्यवस्था निर्धारित की गई थी। अब रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को इस नियम का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।
इससे स्पष्ट है कि यह कोई नया समय संबंधी प्रतिबंध नहीं, बल्कि पहले से लागू सुरक्षा व्यवस्था को दोबारा प्रभावी ढंग से लागू करने की पहल है।
कर्मचारियों की जिम्मेदारी होगी तय, औचक निरीक्षण भी होंगे
नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए रेलवे कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश देने के साथ प्रशिक्षण और परामर्श भी दिया जाएगा। इसके अलावा, अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को औचक निरीक्षण करने के लिए कहा गया है, ताकि यह जांचा जा सके कि निर्धारित समय पर चार्जिंग पॉइंट बंद किए जा रहे हैं या नहीं।
निर्देशों की अनदेखी सामने आने पर संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य सुरक्षा नियमों को कागजों तक सीमित रखने के बजाय ट्रेनों में उनका वास्तविक अनुपालन सुनिश्चित करना है।
यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?
इस नियम के लागू होने पर यात्रियों को रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक ट्रेन के डिब्बों में उपलब्ध चार्जिंग पॉइंट इस्तेमाल करने की सुविधा नहीं मिलेगी। इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मोबाइल फोन और अन्य जरूरी उपकरणों को चार्ज कर लें तथा लंबी यात्रा के दौरान बैटरी की खपत का ध्यान रखें।
हालांकि, इस निर्देश का संबंध निर्धारित समय में ट्रेन के चार्जिंग पॉइंट बंद रखने से है। यात्रियों को अपने उपकरणों की बैटरी और चार्जिंग की योजना उसी के अनुसार बनानी होगी। रेलवे का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आग और बिजली संबंधी संभावित दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना है।