जयपुर,28 अक्टूबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरकारी अधिकारियों की लापरवाही, भ्रष्टाचार और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ी कार्रवाई की है। प्रमुख दंड से जुड़े 30 मामलों का निपटारा करते हुए 17 सेवारत अधिकारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने और 16 सेवानिवृत्त अधिकारियों की पेंशन रोकने संबंधी कार्रवाई को मंजूरी दी गई है।
सरकार के अनुसार, कार्रवाई में पुलिस अधिकारियों की अपराधियों से मिलीभगत, अवैध बजरी खनन से जुड़े मामलों, मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल आरोपियों से संपर्क, सरकारी योजनाओं की निगरानी में लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं जैसे मामले शामिल हैं।
दोष साबित होने पर कुछ अधिकारियों की दो से चार वार्षिक वेतन वृद्धियां संचयी प्रभाव से रोकने का फैसला लिया गया है। वहीं, एक सेवानिवृत्त राजस्थान लेखा सेवा अधिकारी की पेंशन का 100 प्रतिशत हिस्सा स्थायी रूप से रोकने की कार्रवाई की गई है। दो अन्य सेवानिवृत्त अधिकारियों की पेंशन का 20 प्रतिशत हिस्सा पांच वर्ष तक रोकने का निर्णय लिया गया है।
इसके अलावा, मनरेगा कार्यों की निगरानी में लापरवाही, चिकित्सा विभाग में अनधिकृत अनुपस्थिति, गलत रक्त जारी करने और पंचायत समिति के कार्यों में फर्जी भुगतान से सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने के मामलों में भी कार्रवाई की गई है।
राज्य सरकार ने राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 16 के तहत आठ मामलों में आरोप साबित नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों को दोषमुक्त करने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है। सरकार ने इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही, पारदर्शिता और सुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।






