नई दिल्ली, 30 अक्टूबर 2026 (छत्रपाल सिंह): शिक्षा मंत्रालय की ओर से आयोजित ‘विकसित भारत बिल्डथॉन 2025’ के 10 राष्ट्रीय विजेता टीमों की घोषणा की गई है। इस प्रतियोगिता में देशभर के स्कूली विद्यार्थियों ने तकनीक, पर्यावरण, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अभिनव मॉडल तैयार किए। असम के तिनसुकिया स्थित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय की टीम का बम और बारूदी सुरंग निष्क्रिय करने वाला मकड़ी के आकार का रोबोट शीर्ष विजेता बना।
इस रोबोट को दुर्गम इलाकों में रिमोट से संचालित किया जा सकता है, जिससे सुरक्षा कर्मियों की जान जोखिम में डाले बिना विस्फोटकों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने में मदद मिल सकती है।
राष्ट्रीय विजेताओं में पंजाब की टीम का सड़क दुर्घटना रोकथाम अलार्म सिस्टम भी शामिल है। यह तकनीक कैमरे के माध्यम से चालक की आंखों की गतिविधियों पर नजर रखती है। नींद की झपकी के संकेत मिलने पर अलार्म बजाकर चालक को सतर्क करने और वाहन की गति कम करने की व्यवस्था की गई है।
अन्य प्रमुख नवाचारों में उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों का बोन-कंडक्शन स्मार्ट चश्मा, गुजरात का वायु प्रदूषण कम करने वाला ‘अर्बन ब्रीदिंग पोल’, दक्षिण भारत के ग्रामीण विद्यार्थियों का ऑफलाइन एआई फसल रोग पहचान ऐप और ओडिशा की स्मार्ट सीवेज क्लीनिंग बोट शामिल हैं।
इसके अलावा उत्तराखंड के विद्यार्थियों ने जंगलों में आग लगने की शुरुआती चेतावनी देने वाले सेंसर, महाराष्ट्र की टीम ने ऊर्जा बचाने वाली स्मार्ट स्ट्रीट लाइट प्रणाली, राजस्थान के विद्यार्थियों ने पोर्टेबल मेडिकल डायग्नोस्टिक किट और झारखंड के धनबाद क्षेत्र की टीम ने मीथेन गैस का पता लगाकर उससे ऊर्जा बनाने वाला सिस्टम विकसित किया।
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस आयोजन में 2.87 लाख से अधिक आइडिया और प्रोटोटाइप जमा हुए। इस उपलब्धि के लिए ‘विकसित भारत बिल्डथॉन 2025’ का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज हुआ। दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में आयोजित समारोह में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने विजेता टीमों को सम्मानित किया। सभी 10 विजेता टीमों को कुल 17.50 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई।






