पटियाला, समाना, पातड़ां, 30 अक्टूबर 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): हवा गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की एक टीम ने धान की मौजूदा कटाई के सीजन के दौरान पराली के उचित प्रबंधन और पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन तथा संबंधित विभागों द्वारा किए जा रहे प्रबंधों एवं प्रयासों का जायजा लेने के लिए पटियाला जिले का दौरा किया। इस टीम में हवा गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के तकनीकी सदस्य डॉ. एस. डी. अत्री और वैज्ञानिक-सी विजय कुमार शामिल थे।
दौरे के दौरान आयोग की टीम ने सबसे पहले तहसील समाना के गांव बदनपुर स्थित मैसर्स एस.पी.एस. इकोफ्रेंडली फ्यूल्स के उस कारखाने का दौरा किया, जहां पराली से जैव ईंधन की गोलियां (बायोमास पेलेट्स) तैयार की जाती हैं। टीम का स्वागत करते हुए उपमंडल मजिस्ट्रेट समाना ऋचा गोयल ने पराली प्रबंधन से संबंधित जानकारी दी। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन के अधिकारियों की उपस्थिति में आयोग की टीम ने कारखाने का निरीक्षण किया तथा पराली से जैव ईंधन की गोलियां तैयार करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त की। इन गोलियों का उपयोग उद्योगों और ताप विद्युत संयंत्रों में ईंधन के रूप में किया जाता है।
इस अवसर पर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यकारी अभियंता रणतेज शर्मा ने बताया कि ऐसे कारखाने खेतों से बाहर पराली के प्रबंधन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये पराली के उचित उपयोग के लिए वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध करवाते हैं, जिससे किसानों को पराली जलाने से बचने में मदद मिलती है और पराली जलाने की घटनाओं को रोकने में भी योगदान मिलता है।
इसके बाद आयोग की टीम ने तहसील पातड़ां के गांव दुताल और गांव गुलाहड़ का दौरा किया। इस दौरान खेतों में ही पराली के प्रबंधन तथा खेतों से बाहर इसके उपयोग से संबंधित प्रयासों को जमीनी स्तर पर लागू करने की स्थिति का जायजा लिया गया। टीम ने दोनों गांवों के किसानों से बातचीत भी की। उपमंडल मजिस्ट्रेट पातड़ां काला राम कांसल और कृषि विभाग के अधिकारियों ने आयोग की टीम को जिला प्रशासन की तैयारियों तथा किसानों को पराली प्रबंधन के लिए फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी उपलब्ध करवाने संबंधी किए गए प्रबंधों के बारे में जानकारी दी।

किसानों ने जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे सक्रिय प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से कृषि अवशेषों के प्रबंधन के लिए आवश्यक मशीनरी समय पर उपलब्ध करवाने की प्रशंसा की। किसानों के अनुसार, इससे उन्हें पराली के वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन के उपाय अपनाने में मदद मिली है और पराली जलाने की आवश्यकता भी कम हुई है।
आयोग के अधिकारियों ने पटियाला जिले में खेतों के भीतर और खेतों से बाहर पराली के उचित प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन, कृषि विभाग और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा की जा रही पहलों तथा सामूहिक प्रयासों की सराहना की। टीम ने सभी संबंधित विभागों से आपसी तालमेल के साथ अपने प्रयास जारी रखने और पराली जलाने की घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने की अपील की।






