अंबाला, 4 नवंबर 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि आजादी की पहली लड़ाई (1857) के शहीदों की स्मृति में बनाए गए शहीदी स्मारक के उद्घाटन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 5 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह इस ऐतिहासिक स्मारक का उद्घाटन करेंगे और अंबाला छावनी के गांधी ग्राउंड में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह को सुनने के लिए हजारों की संख्या में लोग अंबाला छावनी पहुंचेंगे, क्योंकि लोगों में उनके विचार सुनने को लेकर भारी उत्साह है।
श्री विज आज मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने अंबाला छावनी के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की और संबंधित अधिकारियों को 5 नवंबर के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
श्री विज ने कहा कि 5 नवंबर का दिन केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक होगा। उन्होंने कहा कि 1857 की क्रांति देश की आजादी की पहली लड़ाई थी, जो कांग्रेस पार्टी के गठन से भी 28 वर्ष पहले लड़ी गई थी। दुर्भाग्यवश, इस ऐतिहासिक संघर्ष और इसमें अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले अनेक वीरों के योगदान को इतिहास में वह स्थान नहीं मिल पाया, जिसके वे हकदार थे।
उन्होंने कहा कि अंबाला में बनाया गया शहीदी स्मारक देश का ऐसा पहला स्मारक है, जो विशेष रूप से 1857 के स्वतंत्रता संग्राम को समर्पित है। इस स्मारक में 22 भव्य गैलरियों के माध्यम से आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए उस दौर की लड़ाइयों, घटनाओं और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष को जीवंत रूप में दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि इस स्मारक के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के उस इतिहास को सामने लाने का प्रयास किया गया है, जो अब तक व्यापक रूप से उजागर नहीं हो सका था।
श्री विज ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग युद्धों और घटनाओं से संबंधित स्मारक हो सकते हैं, लेकिन 1857 की आजादी की पहली लड़ाई को समर्पित यह स्मारक अपने आप में विशेष और ऐतिहासिक महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि 5 नवंबर के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित लोग पूरी तत्परता से जुटे हुए हैं।
नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित करवाएगा स्मारक
श्री विज ने कहा कि 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम भारतीय इतिहास का बेहद महत्वपूर्ण अध्याय है। इस संग्राम में देश के अनेक वीरों ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया था। अंबाला में स्थापित यह स्मारक उन वीर शहीदों के योगदान और बलिदान को सम्मान देने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को देश के स्वतंत्रता आंदोलन के वास्तविक इतिहास से परिचित करवाने का कार्य करेगा।
उन्होंने कहा कि स्मारक में आधुनिक तकनीक के माध्यम से इतिहास को जिस तरह प्रस्तुत किया गया है, उससे युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम की घटनाओं को समझने का एक नया अनुभव मिलेगा। यह स्मारक देश के इतिहास, बहादुरी, संघर्ष और बलिदान की अनमोल विरासत को संजोने का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
ऊर्जा एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि 5 नवंबर को होने वाली रैली और शहीदी स्मारक का महत्व केवल अंबाला ही नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में गांधी ग्राउंड, अंबाला छावनी पहुंचकर इस ऐतिहासिक रैली में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।






