चंडीगढ़, 5 नवंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मौजूदा रबी सीजन के दौरान राज्य में सिंचाई सुविधाओं के उचित प्रबंध किए जाएं, ताकि फसलों की बुवाई प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि राज्य में पानी की सीमित उपलब्धता के बावजूद सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक क्षेत्र के किसानों को उनके हिस्से का पूरा पानी मिले। इसके लिए वितरण प्रणाली की समीक्षा के साथ-साथ नहरी पानी की लगातार निगरानी भी की जा रही है।
वह आज यहां पानी की आपूर्ति को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। बैठक में बाढ़ नियंत्रण के उपायों के साथ-साथ वन विभाग से संबंधित मंजूरियों, जमीन की निशानदेही और पंपों की उपलब्धता से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल भी बैठक में उपस्थित रहे।
श्रीमती श्रुति चौधरी ने निर्देश दिए कि पानी के वितरण से संबंधित पुराने रिकॉर्ड और निर्धारित मानकों का मूल्यांकन किया जाए। साथ ही समय-समय पर पानी की उपलब्धता, सिंचाई के अधीन क्षेत्र और किसानों की जरूरतों के अनुसार इसकी समीक्षा भी की जाए। उन्होंने कहा कि नहरी पानी की चोरी रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए और इस अभियान में जनभागीदारी को प्रोत्साहित किया जाए।
सिंचाई मंत्री ने कहा कि वन विभाग से संबंधित मंजूरियों के कारण विकास कार्य अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहने चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करके लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जाए। इसी तरह सिंचाई परियोजनाओं और पंपिंग प्रणाली के सुचारू संचालन के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
वाईडब्ल्यूएस (यमुना वाटर सर्विसेज) सर्कल में पंपों के मुद्दे पर मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंपों की वास्तविक आवश्यकता का आकलन करके उनकी खरीद, मरम्मत या उपलब्धता से संबंधित प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में इंजीनियर-इन-चीफ श्री राकेश चौहान सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।






