अंबाला, 30 मई 2026 : पंजाबी बिरादरी विकास सभा हरियाणा (रजिस्टर्ड) एवं राष्ट्रीय पंजाबी महासंघ के तत्वावधान में भगवान श्रीराम के वंशज तथा अरोड़ा खत्री समाज के आदि प्रवर्तक श्री अरूट जी महाराज का पावन जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसके उपरांत श्री अरूट जी महाराज की भारतवर्ष की सबसे बड़ी प्रतिमा का पूजन एवं माल्यार्पण किया गया।
जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में अंबाला शहर में दूध एवं शरबत की छबील लगाई गई, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, समाजसेवियों और गणमान्य नागरिकों ने राहगीरों को शरबत एवं दूध वितरित कर सेवा भावना का परिचय दिया। उपस्थित लोगों ने महाराज श्री अरूट जी को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके आदर्शों को स्मरण किया।
संस्था के प्रधान संदीप सचदेवा और महासचिव अरुण मेहंदीरत्ता ने बताया कि महाराज श्री अरूट अपने नाम के अनुरूप क्रोध, अहंकार और ईर्ष्या जैसे अवगुणों से पूर्णतः मुक्त थे। उनके न्यायप्रिय, लोककल्याणकारी और उच्च आदर्शों के कारण उन्हें समाज में विशेष सम्मान प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि इतिहासकारों के अनुसार अरोड़कोट (अरोड़) उनकी राजधानी थी तथा उनका राज्य कश्मीर से मकरान और कंधार से सूरत तक विस्तृत था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मेयर श्रीमती शैलजा संदीप सचदेवा ने कहा कि महाराज श्री अरूट का जीवन सत्य, धर्म, न्याय, सेवा और मानव कल्याण के मूल्यों पर आधारित था। उनके विचार आज भी समाज को एकता, भाईचारे और पारस्परिक सहयोग का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि जन्मोत्सव पर आयोजित छबील सेवा और समाजहित की भावना का प्रतीक है।
इस अवसर पर पंजाबी बिरादरी विकास सभा हरियाणा (रजिस्टर्ड) के पदाधिकारियों और अनेक समाजसेवियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी उपस्थित सदस्यों ने महाराज श्री अरूट जी के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने तथा समाज में प्रेम, सद्भाव, सेवा और भाईचारे की भावना को और अधिक मजबूत करने का संकल्प लिया।