अमृतसर, 28 जून,2026 : श्री अकाल तख्त साहिब ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को निर्देश दिया है कि वह जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम-2026 में एक माह के भीतर आवश्यक संशोधन करे। साथ ही स्पष्ट किया गया कि जब तक सुझाए गए संशोधन नहीं किए जाते, तब तक इस कानून को लागू नहीं किया जाना चाहिए।
श्री अकाल तख्त साहिब में पेशी के बाद जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि बेअदबी करने वालों को कठोर सजा देने के लिए कानून बनाने पर किसी को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन विधानसभा को सिख शब्दावली, मर्यादा और संप्रदाय से जुड़े धार्मिक मामलों पर निर्णय लेने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि इन विषयों पर फैसला केवल पंथ ही कर सकता है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में पंजाब सरकार के 87 मंत्रियों और विधायकों ने श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होकर चर्चा की। बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और सभी ने उठाई गई आपत्तियों पर सहमति जताते हुए एक माह के भीतर आवश्यक संशोधन करने का भरोसा दिया।
जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि सिख धर्म में धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप कभी स्वीकार नहीं किया गया। उन्होंने मांग की कि कानून से “कस्टोडियन” संबंधी प्रावधान हटाए जाएं और यह स्पष्ट किया जाए कि पावन स्वरूप (बीड़) को केस प्रॉपर्टी नहीं बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी पावन स्वरूप को निकटवर्ती गुरुद्वारा साहिब में ही रखा जाना चाहिए तथा बीड़ से संबंधित निर्णय लेने का अधिकार केवल पंथ के पास है।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि किसी सिख विरोधी डेरे का अनुयायी बेअदबी करता है तो केवल आरोपी ही नहीं, बल्कि संबंधित डेरे के प्रमुख के खिलाफ भी मामला दर्ज करने का प्रावधान होना चाहिए।
पेशी के बाद पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने सरकार को एक माह का समय दिया है। उन्होंने बताया कि जत्थेदार की ओर से कुछ संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं, जिन पर प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद विस्तार से विचार-विमर्श कर निर्धारित समय के भीतर निर्णय लिया जाएगा।
वहीं, पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के बुलावे पर सभी मंत्री और विधायक नंगे पैर श्रद्धापूर्वक उपस्थित हुए। उन्होंने कहा कि जत्थेदार के साथ लंबी और सार्थक चर्चा हुई तथा सरकार आज हुई बातचीत और सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगी।