अमृतसर, 5 जुलाई,2026 : श्री अकाल तख्त साहिब के स्थापना दिवस एवं पंथक एकत्रीकरण से पूर्व शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने समस्त सिख संगत को शुभकामनाएं देते हुए श्री अकाल तख्त साहिब के सर्वोच्च धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला।
मीडिया से बातचीत में धामी ने कहा कि छठे पातशाह श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने लगभग सवा चार सौ वर्ष पहले सिख पंथ को श्री अकाल तख्त साहिब का अनमोल स्वरूप प्रदान किया था। उन्होंने कहा कि उस समय स्थापित किए गए सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक और प्रेरणादायी हैं।
धामी ने कहा कि समय के साथ शासन बदलते रहे, लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्च धार्मिक सत्ता सदैव अटल रही है। उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाला सिख यदि सिद्धांतों से भटकता है, तो अंततः उसे श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष ही प्रस्तुत होना पड़ता है।
एसजीपीसी अध्यक्ष ने गुरु नानक नाम लेवा संगत को स्थापना दिवस की बधाई देते हुए अरदास की कि गुरु साहिब द्वारा दिखाया गया मार्ग आने वाली पीढ़ियों तक इसी तरह कायम रहे और समूचा सिख समाज श्री अकाल तख्त साहिब के सिद्धांतों के प्रति समर्पित रहे।






