100 फीसदी डिजिटाइजेशन, एएसडीडी और बूथ रेशनलाइजेशन समय पर पूरा करने के आदेश, अधिकारियों को फील्ड में रहकर काम करने के निर्देश
टोहाना/रतिया, 7 जुलाई: (संजीव शर्मा): जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त (डिप्टी कमिश्नर) डॉ. विवेक भारती ने कहा कि विशेष संक्षिप्त वोटर सूची पुनरीक्षण अभियान चुनाव आयोग की एक बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य हर योग्य नागरिक का नाम वोटर सूची में शामिल करना और अयोग्य, स्थानांतरित, मृत व डुप्लीकेट नामों को हटाकर सूची को पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी बनाना है।
सोमवार को टोहाना और रतिया में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 10 जुलाई तक गणना प्रपत्रों का 100 फीसदी डिजिटाइजेशन, एएसडीडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट) से संबंधित कार्रवाई और बूथ रेशनलाइजेशन (तार्किकरण) का काम हर हाल में पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि आने वाले तीन दिन बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO), सुपरवाइजर और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) लगातार फील्ड में रहकर अभियान को तेज करें और हर दिन की प्रगति रिपोर्ट भेजना सुनिश्चित करें।
लोकतंत्र की मजबूती के लिए शुद्ध वोटर सूची अनिवार्य डॉ. विवेक भारती ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए त्रुटिहीन और पारदर्शी वोटर सूची बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी योग्य मतदाता का नाम छूटना नहीं चाहिए और न ही किसी अयोग्य व्यक्ति का नाम सूची में रहना चाहिए। सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी गंभीरता से निभाएं।
रोजाना होगी समीक्षा डीसी ने कहा कि हर दिन की प्रगति रिपोर्ट जिला स्तर पर भेजी जाएगी ताकि अभियान की लगातार निगरानी की जा सके। जहां काम की रफ्तार धीमी होगी, वहां अतिरिक्त टीमें तैनात कर काम में तेजी लाई जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही या बेवजह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बूथ रेशनलाइजेशन भी समय पर पूरा किया जाए उन्होंने कहा कि वोटर सूची पुनरीक्षण के साथ-साथ मतदान केंद्रों के रेशनलाइजेशन का काम भी चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार निर्धारित समय में पूरा किया जाए, ताकि भविष्य में चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित की जा सके।
जन-भागीदारी से अभियान बनेगा और प्रभावशाली डॉ. भारती ने कहा कि यह अभियान सिर्फ चुनाव विभाग का नहीं, बल्कि पूरे प्रशासन और समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्राम सचिवों, आंगनवाड़ी वर्करों, आशा वर्करों, पंचों, सरपंचों, पार्षदों, पटवारियों, नंबरदारों और अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों का सहयोग लेकर घर-घर सत्यापन (वेरिफिकेशन) करने के निर्देश दिए।
एएसडीडी श्रेणी की सूची की जाएगी सार्वजनिक डीसी ने बताया कि सत्यापन के दौरान एएसडीडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट) श्रेणी के वोटरों की अलग सूची तैयार की जा रही है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह सूची संबंधित पोलिंग स्टेशनों, पंचायत घरों, नगर परिषद/नगरपालिका कार्यालयों और ब्लॉक कार्यालयों में सार्वजनिक रूप से लगाई जाएगी, ताकि लोग अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवा सकें।
उन्होंने बीएलओ को हिदायत दी कि हर एंट्री की बारीकी से जांच की जाए और चुनाव आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए जिले की वोटर सूची को पूरी तरह शुद्ध, निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाया जाए।
बैठक में एसडीएम टोहाना आकाश शर्मा, एसडीएम रतिया सुरेंद्र सिंह, बीडीपीओ अनिल बिश्नोई, राहुल श्योकंद, बलजीत सिंह, नायब तहसीलदार रसवेंद्र सिंह, अनिल कुमार, चुनाव नायब तहसीलदार राजकुमार सिहाग, सुपरवाइजर और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।






