नई दिल्ली, 11 जुलाई, 2026 : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 1,021 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त करने का नया आदेश जारी किया है।
ईडी के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के पास मौजूद रिलायंस पावर के इक्विटी शेयरों के साथ-साथ सासन पावर और रिलायंस पावर से संबंधित कुछ ऋण (लोन) राशि भी शामिल है। इस कार्रवाई के बाद मामले में अब तक जब्त की गई कुल संपत्तियों का मूल्य बढ़कर 20,367 करोड़ रुपये हो गया है।
जांच एजेंसी ने बताया कि यह कार्रवाई केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर की जा रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई है।
ईडी ने कहा कि सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच शुरू की गई थी और मामले की आगे भी जांच जारी है।