चंडीगढ़, 11 जुलाई, 2026 : पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस में जारी अंदरूनी कलह के बीच शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के गुट और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के बीच चंडीगढ़ स्थित विधायक राणा गुरजीत सिंह के आवास पर अहम बैठक हुई।
बैठक सुबह 11 बजे प्रस्तावित थी, लेकिन भूपेश बघेल करीब डेढ़ घंटे की देरी से पहुंचे। बैठक में शामिल होने पहुंचे चरणजीत सिंह चन्नी ने मीडिया से कहा कि पार्टी के अंदर सभी मुद्दों पर चर्चा होगी और उनका पक्ष पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने कहा, “तेल भी देखेंगे और तेल की धार भी देखेंगे, हमारा रुख साफ है।”
सूत्रों के अनुसार, चन्नी गुट की शर्त के चलते प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को इस बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया। हालांकि, बैठक से पहले भूपेश बघेल ने विधायक फ्लैट्स पहुंचकर राजा वड़िंग से अलग से मुलाकात की।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान ने चन्नी से सीमित संख्या में नेताओं के साथ बैठक करने को कहा था, लेकिन इसके बावजूद चन्नी गुट के करीब 80 नेता बैठक में पहुंचे।
बैठक से पहले चन्नी समर्थकों ने मांग उठाई कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए चरणजीत सिंह चन्नी को कांग्रेस का मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया जाए। उनका कहना है कि यदि पार्टी चुनाव उनके नेतृत्व में लड़ती है तो इससे पंजाब में कांग्रेस को लाभ मिलेगा।
वहीं, कांग्रेस हाईकमान पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से नहीं हटाया जाएगा। ऐसे में इस बैठक को पंजाब कांग्रेस की भविष्य की रणनीति और संगठनात्मक एकजुटता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।