बच्चों का दावा- नकाबपोश ने ट्रेन में बांधकर सहारनपुर ले गया, एक सिख व्यक्ति ने बचाई जान; पुलिस जांच में जुटी
बरनाला, 12 जुलाई, 2026 : पंजाब के बरनाला से 8 जुलाई को रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए 13 वर्षीय कृष्णा और 10 वर्षीय अबूज आखिरकार सकुशल अपने घर लौट आए हैं। दोनों बच्चे सहारनपुर से ट्रेन के जरिए बरनाला रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां उनके परिजन और पुलिस पहले से मौजूद थे। बच्चों के मिलने से परिवारों ने राहत की सांस ली, हालांकि उनकी हालत काफी दयनीय बताई जा रही है।
गौरतलब है कि दोनों बच्चे 8 जुलाई को घर से लापता हो गए थे। जांच के दौरान वे आखिरी बार शाम करीब 4:28 बजे बरनाला रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों में दिखाई दिए थे। इसके बाद बरनाला पुलिस ने मामला दर्ज कर कई टीमों का गठन करते हुए उनकी तलाश शुरू की थी।
बच्चों के बरनाला लौटते ही परिजनों ने उन्हें गले लगाकर खुशी जाहिर की। पुलिस ने मौके पर दोनों बच्चों से पूछताछ भी की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।
10 वर्षीय अबूज ने पुलिस और परिजनों को बताया कि वह अपने दोस्त कृष्णा के साथ ड्राइंग कलर खरीदने के लिए दुकान जा रहा था। जब दोनों बरनाला रेलवे स्टेशन पहुंचे तो एक नकाबपोश व्यक्ति ने उनके मुंह पर कपड़ा बांध दिया और उन्हें बरनाला से सहारनपुर जाने वाली ट्रेन के अंतिम डिब्बे में रस्सियों से बांध दिया। बच्चों के अनुसार, शोर मचाने से रोकने के लिए उनके मुंह में कपड़ा भी ठूंस दिया गया था।
अबूज ने दावा किया कि आरोपी दोनों बच्चों के सामने यह कह रहा था कि वह उनके माता-पिता से पैसे वसूलेगा और बाद में उन्हें जान से मार देगा। बच्चों के अनुसार, आरोपी उन्हें सहारनपुर से आगे ले जाने की योजना बना रहा था।
बच्चों ने बताया कि सहारनपुर रेलवे स्टेशन के पास जब उन्होंने मदद के लिए शोर मचाया तो एक सिख व्यक्ति वहां पहुंचा। उसने दोनों के हाथों की रस्सियां खोलीं और उनकी जान बचाई। इसके बाद उसने दोनों बच्चों को सहारनपुर से बरनाला जाने वाली ट्रेन में बैठाकर सुरक्षित वापस भेज दिया।
बरनाला पुलिस ने बच्चों के बयानों के आधार पर पूरे मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस अपहरण, फिरौती की साजिश और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है तथा बच्चों के दावों की पुष्टि के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।






