नई दिल्ली 24 जुलाई, 2026 (दीपक दत्ता):अमेरिका ने बंधुआ मजदूरी से तैयार वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भारत समेत 17 देशों से आने वाले सामानों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का फैसला किया है। अमेरिकी प्रशासन ने व्यापार अधिनियम की धारा 301 के तहत यह कार्रवाई की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से जारी ज्ञापन के अनुसार, इन देशों पर शुल्क लगाने का उद्देश्य ऐसे व्यापारिक नियमों को लागू करने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिनसे जबरन या बंधुआ मजदूरी से तैयार उत्पादों के आयात को रोका जा सके।
पहले अमेरिका ने भारत को 12.5 प्रतिशत शुल्क वाली श्रेणी में रखा था, लेकिन भारत द्वारा अपनी विदेश व्यापार नीति में बदलाव कर बंधुआ मजदूरी से तैयार वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाने के बाद शुल्क दर को घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) के अनुसार, कुल 60 देशों पर नए शुल्क लगाए गए हैं। इनमें भारत, कनाडा, ब्रिटेन, बांग्लादेश और पाकिस्तान समेत 17 देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लागू होगा, जबकि अन्य 43 देशों पर 12.5 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा।
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि कुछ आवश्यक कच्चे माल, ऐसे उत्पाद जिनसे घरेलू आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और वे वस्तुएं जिनका उत्पादन अमेरिका में पर्याप्त मात्रा में नहीं होता, उन्हें इस शुल्क से छूट दी गई है।
नए शुल्क शुक्रवार रात 12 बजकर 1 मिनट से प्रभावी होंगे। यह कदम उस अस्थायी 10 प्रतिशत आयात शुल्क की अवधि खत्म होने के बाद लागू किया जा रहा है, जिसे अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद लगाया गया था।
भारत ने 14 जून को अपनी विदेश व्यापार नीति में संशोधन करते हुए बंधुआ मजदूरी से तैयार वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने का फैसला किया था। इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए अमेरिका ने भारत पर प्रस्तावित शुल्क को कम किया।
गौरतलब है कि अमेरिका भारत का प्रमुख व्यापारिक साझेदार है। वाणिज्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का व्यापार करीब 141 अरब डॉलर रहा, जिसमें भारत का निर्यात लगभग 87.3 अरब डॉलर था।






