27 जुलाई, 2026 (मनोज वर्मा): प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा कि भारत सैन्य निर्यात रक्षा उत्पादन और पड़ोसी देशों के साथ राजनीतिक सहयोग के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। मोदी जी ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर 1999 के युद्ध शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हमारे सैनिकों ने अद्वितीय साहस का परिचय दिया था और इस बार देशभर में विशेष रूप से शौर्य विजय यात्रा भी निकाली जा रही है। हालांकि, प्रधानमंत्री ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हुए आंदोलन का कोई उल्लेख नहीं किया, जिसके चलते पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।
प्रधानमंत्री ने आई.एन.एस महेंद्रगिरि युद्धपोत के बेड़े में शामिल होने, डी.आर.डी.ओ द्वारा पिनाका रॉकेट और कुश मिसाइल के सफल परीक्षणों का उल्लेख किया। उन्होंने इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों से जुड़े समझौतों का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय रक्षा उपकरणों पर वैश्विक स्तर पर भरोसा बढ़ रहा है। उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी क्षेत्र के पहले रॉकेट ‘विक्रम-1’ के सफल प्रक्षेपण को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र को युवाओं के लिए खोलने के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने 4 जुलाई से चल रहे ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत वर्षा जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण की भी अपील की। उन्होंने बैडमिंटन खिलाड़ी पी. वी. सिंधु द्वारा जापान ओपन का खिताब जीतने, लॉर्ड्स स्टेडियम में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक टेस्ट जीत तथा एर्नाकुलम में फुटबॉल के माध्यम से संस्कृत पढ़ाने वाले एक परियोजना की सराहना की। उन्होंने विज्ञान ओलंपियाड में विद्यार्थियों की सफलता, उत्तर प्रदेश के बिजनौर की महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार ‘विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी’, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान तथा 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर नागरिकों से ‘वोकल फॉर लोकल’ अपनाने की अपील भी की।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में युवाओं के मुद्दों और हाल के विरोध प्रदर्शनों पर कुछ नहीं कहा। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सरकार शिक्षा से जुड़े गंभीर सवालों को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई मंत्रालयों की जिम्मेदारी होने के कारण शिक्षा क्षेत्र पर पूरा ध्यान देना चुनौतीपूर्ण होगा।






