हरियाणा, 29 जुलाई, 2026 (संजीव सिंगला): मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के मूल निवासी पूर्व अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में बड़ा लाभ देने का फैसला लिया गया है। कैबिनेट ने अग्निशमन सेवा विभाग में फायर ऑपरेटर-कम-ड्राइवर, पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग में वाइल्डलाइफ गार्ड और गृह विभाग के अंतर्गत इंडियन रिजर्व बटालियन तथा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल में कांस्टेबल पदों पर सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने को मंजूरी प्रदान की है। सरकार का उद्देश्य सशस्त्र सेनाओं में सेवा पूरी करने वाले प्रशिक्षित अग्निवीरों को बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराना है। इस निर्णय से पूर्व अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में करियर बनाने का अवसर मिलेगा और अग्निपथ योजना के उद्देश्यों को भी मजबूती मिलेगी।
हरियाणा सरकार ने पहले भी पूर्व अग्निवीरों के लिए विभिन्न पदों पर आरक्षण की व्यवस्था की है। इनमें ग्रुप-सी पदों पर 20 प्रतिशत, ग्रुप-बी पदों पर 1 प्रतिशत और पुलिस विभाग में कांस्टेबल पदों पर 20 प्रतिशत आरक्षण शामिल है। इसके अलावा वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड, जेल विभाग में वार्डर और खनन एवं भू-विज्ञान विभाग में माइनिंग गार्ड पदों पर भी 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा चुका है। कैबिनेट के नए फैसले के तहत अब फायर ऑपरेटर-कम-ड्राइवर, वाइल्डलाइफ गार्ड, IRB और SDRF में कांस्टेबल पदों पर भी पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ मिलेगा। यह निर्णय भारत सरकार के गृह मंत्रालय की सिफारिशों के अनुरूप लागू किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि पूर्व अग्निवीरों को इन सेवाओं में शामिल करने से उनकी सैन्य सेवा के दौरान प्राप्त प्रशिक्षण और कौशल का उपयोग राज्य की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, अग्निशमन सेवाओं और वन्यजीव संरक्षण कार्यों को मजबूत करने में किया जा सकेगा। हरियाणा सरकार के अनुसार, यह फैसला पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास, सम्मानजनक रोजगार और अग्निपथ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।






