नई दिल्ली, 31 जुलाई 2026 (जगदेव सिंह जग्गी): संसद ने लोक परीक्षाओं (गैर-कानूनी तरीकों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026 को मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार ने इसे परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नया कानून पेपर लीक और नकल माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संशोधित प्रावधानों के अनुसार, दोषी पाए जाने वाले लोगों को 5 से 10 वर्ष तक की कैद और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, परीक्षा सेवा प्रदाताओं पर भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। ऐसे सेवा प्रदाताओं पर 5 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा और उन्हें 8 वर्ष तक परीक्षा आयोजन से प्रतिबंधित किया जा सकता है। सरकार का कहना है कि इस कानून से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा होगी।






