31 जुलाई, 2026 (अमनदीप सरां): पंजाब सरकार ने राज्य में पंजाबी भाषा के इस्तेमाल को सुनिश्चित करने के लिए एक बार फिर सख्त निर्देश जारी किए हैं। उच्च शिक्षा एवं भाषा विभाग की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, सरकारी, अर्ध-सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों में पंजाबी गुरमुखी लिपि को प्राथमिकता देना अनिवार्य होगा। नए निर्देशों के मुताबिक, सड़कों के नाम, नेम प्लेट, मील पत्थर, होर्डिंग बोर्ड और अन्य सार्वजनिक सूचना पट्टों पर सबसे पहले पंजाबी भाषा में लिखावट दर्ज की जाएगी। यदि किसी अन्य भाषा का इस्तेमाल किया जाता है तो उसे पंजाबी के बाद ही लिखा जाएगा।
पंजाब सरकार ने जिला प्रशासन, विभिन्न विभागों के प्रमुखों, बोर्डों, निगमों और कॉरपोरेशनों को अपने अधीन आने वाली संस्थाओं में इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है। साथ ही निजी संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी इन नियमों को लागू करने की बात कही गई है। गौरतलब है कि इससे पहले भी पंजाब सरकार की ओर से पंजाबी भाषा को प्राथमिकता देने के संबंध में कई बार आदेश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन अब सरकार ने इन निर्देशों को सख्ती से लागू करने पर विशेष जोर दिया है।






