संगरूर/भवानीगढ़, 1 अगस्त,2026 (जगदेव रंचनां): लोगों को उनके घर-द्वार पर ही प्रशासनिक न्याय उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से पंजाब राज्य एवं चंडीगढ़ (यू.टी.) मानवाधिकार आयोग (पी.एस.एच.आर.सी.) के सदस्य जतिंदर सिंह शंटी रविवार, 2 अगस्त 2026 को संगरूर जिले के दौरे के दौरान एक खुला सुनवाई कैंप आयोजित करेंगे।
भवानीगढ़ में यह कैंप सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक हेरिटेज पब्लिक स्कूल में लगाया जाएगा। आयोग के मुख्य उद्देश्य पर जोर देते हुए कि कोई भी नागरिक अपने मूल मानवाधिकारों और सम्मान से वंचित न रहे, जतिंदर सिंह शंटी ने आम लोगों, स्थानीय निवासियों, सामाजिक संगठनों और मानवाधिकार उल्लंघन के पीड़ितों से अधिक से अधिक संख्या में कैंप में पहुंचने की अपील की है।
जतिंदर सिंह शंटी ने कहा कि पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग तेज, पारदर्शी और आम जनता के लिए आसानी से उपलब्ध न्याय व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इन खुले सुनवाई कैंपों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए चंडीगढ़ न जाना पड़े। उन्होंने नागरिकों, सरपंचों, समाजसेवियों और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे कैंप में पहुंचकर मानवाधिकारों और जनकल्याण से जुड़े वास्तविक मुद्दों को आयोग के ध्यान में लाएं, ताकि उन पर तुरंत कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई शुरू की जा सके। पुलिस की लापरवाही, प्रशासनिक देरी, मूल अधिकारों से वंचित किए जाने, चिकित्सा लापरवाही या सामाजिक अन्याय से जुड़े मामलों का सामना कर रहे नागरिक कैंप स्थल पर आयोग के सदस्य और अधिकारियों को अपनी लिखित शिकायतें सीधे सौंप सकते हैं।
पंचों, सरपंचों, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी आमंत्रित किया गया है, ताकि वे सामुदायिक स्तर पर मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर सकें और जिले में मानवाधिकारों की सुरक्षा को मजबूत बनाने में योगदान दे सकें। कैंप के दौरान स्थानीय प्रशासन, पुलिस विभाग और विभिन्न जिला विभागों के अधिकारी तथा आयोग के जिला स्तरीय कोर सदस्य भी मौजूद रहेंगे, ताकि प्राप्त शिकायतों की तुरंत समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।






