सड़क हादसा पीड़ितों को मिलेगा 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज, आरटीओ मनजीत कौर ने लोगों से योजना का लाभ उठाने की अपील की
1अगस्त,2026 (प्रभजोत सिंह): संगरूर की क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आर.टी.ओ) मनजीत कौर ने जिले के लोगों से अपील की है कि वे भारत सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री-सड़क हादसा पीड़ितों के अस्पताल में भर्ती और सुनिश्चित उपचार योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर, गुणवत्तापूर्ण और कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक परेशानी के कारण इलाज में देरी न हो।
मनजीत कौर ने बताया कि पी.एम-राहत योजना सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसके तहत पात्र सड़क हादसा पीड़ितों को सूचीबद्ध अस्पतालों में दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है।.उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला घंटा यानी गोल्डन ऑवर बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान तुरंत चिकित्सा सहायता मिलने से पीड़ित की जान बचने की संभावना बढ़ जाती है और स्थायी दिव्यांगता का खतरा कम होता है।
आर.टी.ओ ने नागरिकों से सड़क हादसों में घायल लोगों की मदद करने से न झिझकने की अपील की। उन्होंने कहा कि गुड समैरिटन व्यवस्था के तहत दुर्घटना पीड़ितों की स्वेच्छा से मदद करने और उन्हें अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों को अनावश्यक कानूनी और प्रक्रियात्मक परेशानियों से सुरक्षा प्रदान की जाती है। ऐसे मददगारों को केंद्र सरकार द्वारा घोषित प्रोत्साहन राशि के लिए भी पात्र बनाया गया है। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना होने पर तुरंत आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल करना चाहिए और घायल व्यक्ति को जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता दिलानी चाहिए।
मनजीत कौर ने सभी वाहन चालकों से यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील करते हुए कहा कि सुरक्षित ड्राइविंग ही सड़क हादसों को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने वाहन चालकों से हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, शराब पीकर वाहन न चलाने, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग न करने और लेन अनुशासन बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। यातायात नियमों का पालन करने, दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने और पीएम-राहत योजना के बारे में जागरूकता फैलाने से सड़क हादसों को कम करने और लोगों की जान बचाने में मदद मिल सकती है।
आर.टी.ओ ने शिक्षण संस्थानों, परिवहन संचालकों, सामाजिक संगठनों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों से भी अपील की कि वे पीएम-राहत योजना की जानकारी का अधिक से अधिक प्रचार करें, ताकि हर नागरिक दुर्घटना पीड़ितों को मिलने वाली सुविधाओं से अवगत हो सके और आपात स्थिति में प्रभावी भूमिका निभा सके।






