अंबाला, 12 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की पूर्व संध्या पर कल्पना चावला वुमेंस पॉलिटेक्निक में आयोजित कार्यक्रम में अंबाला के वरिष्ठ भाजपा नेता, पंजाबी बिरादरी विकास सभा एवं राष्ट्रीय पंजाबी महासंघ के प्रधान एडवोकेट संदीप सचदेवा ने छात्राओं को वर्ष 1947 में हुए भारत विभाजन की विभीषिका, उसके कारणों तथा उसके दौरान आम नागरिकों द्वारा झेली गई पीड़ा के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
अपने संबोधन में एडवोकेट संदीप सचदेवा ने कहा कि विभाजन केवल देश की भौगोलिक सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि यह करोड़ों लोगों के जीवन, परिवारों और सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करने वाली एक भयावह मानवीय त्रासदी थी। लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़कर अनजान स्थानों की ओर पलायन करना पड़ा और असंख्य परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया।
उन्होंने कहा कि विभाजन के समय पंजाब सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में रहा। अंबाला सहित हरियाणा के अनेक क्षेत्रों ने भी विस्थापित परिवारों के दर्द को देखा और उन्हें आश्रय एवं पुनर्वास देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभाजन के बाद शरणार्थियों ने विपरीत परिस्थितियों में मेहनत, साहस और उद्यमशीलता के बल पर अपना जीवन दोबारा खड़ा किया और देश के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

एडवोकेट सचदेवा ने छात्राओं से कहा कि नई पीढ़ी के लिए विभाजन की विभीषिका को जानना इसलिए आवश्यक है ताकि इतिहास से सीख लेकर समाज में आपसी भाईचारा, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया जा सके। उन्होंने कहा कि इतिहास को भूलने के बजाय उससे सबक लेना चाहिए और ऐसी परिस्थितियों को दोबारा पैदा नहीं होने देना चाहिए, जिनसे समाज में वैमनस्य और विभाजन की स्थिति उत्पन्न हो। और सता की लोलुपता की वजह से जिन लोगों ने देश का धर्म के नाम पर विभाजन कराया ऐसे मोहम्मद अली जिन्ना जवाहरलाल नेहरू व उनके समर्थक इनका इतिहास जानना भी जरूरी है। क्योंकि इन लोगों ने खुद को देश का प्रधानमंत्री बनने के लिए देश के दो टुकड़े कर दिए देश का विभाजन वास्तव में कांग्रेस के नेताओं की देन है। उन्होंने अपनी सत्ता के लिए लाखों लोगों के जीवन की कुर्बानी दे दी इसीलिए आज तक कांग्रेस ने इस सच्चाई को सामने नहीं आने दिया है।
उन्होंने छात्राओं का आह्वान किया कि वे अपने परिवार के बुजुर्गों से विभाजन के समय के अनुभव सुनें और उस पीढ़ी के संघर्ष, त्याग एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान को समझें। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में धर्म के नाम पर उन्माद फैलाने और किसी देश के दो टुकड़े हो और उसमें धर्म के नाम पर खुद को जिहादियों से बचने के लिए पलायन करके देश की एक हिस्से से दूसरे हिस्से में जाने का ऐसा विध्वंसकारी विभाजन विश्व में कभी नहीं हुआ है ।और जो कांग्रेस के लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं उन्होंने आज तक सच्चाई को सामने नहीं आने दिया है।उन्होंने कहा कि विभाजन की पीड़ा को याद करना किसी समुदाय के प्रति नफरत पैदा करना नहीं, बल्कि उन लाखों पीड़ितों के प्रति श्रद्धांजलि देना है जिन्होंने असहनीय परिस्थितियों का सामना किया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने भी विभाजन से जुड़े विषयों पर जानकारी प्राप्त की और वक्तव्य को गंभीरता से सुना।
इस अवसर पर विभाजन के दौरान अपने प्राण गंवाने वाले तथा विस्थापन की पीड़ा झेलने वाले लाखों लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
एडवोकेट संदीप सचदेवा ने कहा कि हमें संकल्प लेना चाहिए कि देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे तथा आने वाली पीढ़ियों को भारत के इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय से अवगत कराते रहेंगे।
इस अवसर पर पूर्व प्रिंसिपल डॉ राजीव सपरा ने भी छात्रों को बताया की विभाजन के समय किस प्रकार पूर्वी पंजाब के संभ्रांत लोगों ने अपना सब कुछ छोड़कर भारत भूमि के इस हिस्से में आना बेहतर समझा क्योंकि वे लोग अपना धर्म छोड़ने नहीं चाहते थे। उन्होंने कहा की देश का विभाजन एक काला अध्याय है परंतु इस अध्याय को याद करना इसके कर्म को जानना और ऐसा दोबारा ना हो इसके लिए हम सबको प्रण लेना होगा और जो लोग सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं उनके चरित्र को समझना होगा।






