‘खेडां वतन पंजाब दियां’ मशाल मार्च को संगरूर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया; ‘खेलों का पंजाब, हंसता पंजाब’ का सपना साकार:नरिंदर कौर भराज
संगरूर, 13 अगस्त,2026 (जगदेव सिंह जग्गी): मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य में खेल संस्कृति को और मजबूत करने तथा युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘खेडां वतन पंजाब दियां 2026’ का आयोजन कर रही है। इसी प्रयास के तहत ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के लिए मशाल मार्च (मशाल रैली) को वार हीरोज स्टेडियम, संगरूर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

इस अवसर पर संगरूर विधानसभा क्षेत्र की विधायक नरिंदर कौर भराज ने मशाल मार्च को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह मशाल मार्च पंजाब के विभिन्न जिलों से गुजरते हुए बठिंडा में समाप्त होगा। राष्ट्रमंडल खेलों की पदक विजेता और वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर, जिन्होंने अपनी खेल उपलब्धियों के माध्यम से पंजाब का नाम रोशन किया है, भी इस अवसर पर विशेष रूप से मौजूद रहीं। बाद में संगरूर जिले की सीमा के पास ढपई गांव में मशाल को मानसा जिले को सौंप दिया गया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधायक नरिंदर कौर भराज ने ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के अवसर पर सभी पंजाबियों को बधाई दी और कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई इन खेलों ने राज्य में खेल संस्कृति को एक नई दिशा दी है।
उन्होंने कहा कि जब चार वर्ष पहले ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ की शुरुआत की गई थी, तब केवल कुछ हजार खिलाड़ियों ने इसमें भाग लिया था। हालांकि, आज यह मेगा खेल आयोजन एक प्रमुख खेल मंच के रूप में उभर चुका है, जिसमें हर वर्ष चार लाख से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती भागीदारी पंजाब में युवाओं के बीच खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह और पंजाब सरकार की खेल-समर्थक नीतियों की सफलता को दर्शाती है। विधायक भराज ने कहा कि संगरूर से शुरू हुआ यह मशाल मार्च पंजाब के विभिन्न जिलों से होकर गुजरेगा और हर घर तक खेलों का संदेश पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि मशाल केवल एक खेल आयोजन का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह युवाओं में उत्साह, जुनून, एकता, अनुशासन और खेल भावना का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य राज्य के हर गांव और शहर के युवाओं को खेल मैदानों से जोड़ना है, ताकि वे अपनी ऊर्जा को रचनात्मक दिशा में लगा सकें और राज्य तथा देश का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने कहा कि ‘खेलों का पंजाब, हंसता पंजाब और रंगला पंजाब’ का सपना अब खेल के मैदानों में साकार हो रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रमंडल खेलों की पदक विजेता और वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर ने ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के आयोजन के लिए पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का धन्यवाद किया। मीडिया से बातचीत करते हुए हरजिंदर कौर ने कहा कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ पंजाब के बच्चों और युवाओं के लिए एक शानदार मंच है। इन खेलों के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने, प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने और अपने-अपने क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब इन खेलों की शुरुआत की गई थी, तब भाग लेने वाले खिलाड़ियों की संख्या तुलनात्मक रूप से कम थी, लेकिन समय के साथ बच्चों और युवाओं में इन खेलों के प्रति उत्साह बढ़ता गया। आज बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी इन खेलों में भाग ले रहे हैं, जो पंजाब के उज्ज्वल खेल भविष्य का सकारात्मक संकेत है। युवा खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए हरजिंदर कौर ने कहा कि हर एथलीट का सपना होता है कि वह ऊंचे स्तर तक पहुंचकर अपने देश और राज्य का नाम रोशन करे। उन्होंने कहा कि इस सपने को हकीकत में बदलने के लिए कड़ी मेहनत, समर्पण, अनुशासन और निरंतर अभ्यास बेहद जरूरी है।
उन्होंने बच्चों और युवाओं से अपील की कि वे खेलों में सक्रिय रूप से हिस्सा लें और अपने माता-पिता द्वारा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए देखे गए सपनों को पूरा करने के लिए पूरी लगन से मेहनत करें। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का लाभ उठाते हुए युवाओं को अपने लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाब का नाम रोशन करना चाहिए। इस अवसर पर राष्ट्रमंडल खेलों की पदक विजेता और वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर, जिन्होंने अपने शानदार खेल प्रदर्शन से पंजाब का नाम रोशन किया है, को विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया। जिला प्रशासन और खेल विभाग के अधिकारियों ने खेल के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों की सराहना की।
विधायक नरिंदर कौर भराज ने कहा कि हरजिंदर कौर जैसे खिलाड़ी पंजाब के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ियों की उपलब्धियां साबित करती हैं कि पंजाब में खेल प्रतिभा की कोई कमी नहीं है; जरूरत केवल इस प्रतिभा को सही मंच, अवसर और मार्गदर्शन प्रदान करने की है। उन्होंने कहा कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो खिलाड़ियों को जमीनी स्तर से लेकर प्रतियोगिता के उच्च स्तर तक अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर प्रदान करता है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इन खेलों के मौजूदा सीजन के दौरान खिलाड़ियों की भागीदारी पिछले सभी रिकॉर्ड को पार कर जाएगी और भविष्य में पंजाब के खेल मैदानों से राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय चैंपियन उभरेंगे। इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर संगरूर पूनमदीप कौर, सहायक कमिश्नर (जनरल) राजबीर सिंह भंगू, जिला खेल अधिकारी नवदीप सिंह सहित कोच, खिलाड़ी और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद थे।







