Thursday, August 27, 2026
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प्ले-वे स्कूलों में दाखिले के लिए बच्चों का कोई स्क्रीनिंग टेस्ट या माता-पिता का इंटरव्यू नहीं होगा।

संगरूर, 13 अगस्त,2026 (छत्रपाल सिंह): अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन योजना के तहत निजी प्ले-वे स्कूलों के नए पंजीकरण के संबंध में पंजाब सरकार द्वारा प्ले-वे स्कूलों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसके तहत पंजाब में चल रहे सभी निजी प्ले-वे स्कूलों के लिए अब सामाजिक सुरक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग, पंजाब से पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। इसके बाद सरकार के पास बच्चों से संबंधित सभी विवरण उपलब्ध होंगे।

इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी, संगरूर श्री प्रदीप सिंह गिल ने बताया कि जिले के सभी निजी प्ले-वे स्कूलों में बच्चों के प्रारंभिक विकास के लिए उन्हें खेलों के माध्यम से पढ़ाया जाएगा, जिससे बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में सुधार होगा। उन्होंने बताया कि नए दिशा-निर्देशों के तहत इन प्ले-वे स्कूलों का नया पंजीकरण करवाना तथा पुराने पंजीकरण का नवीनीकरण करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में विस्तृत नियम और दिशा-निर्देश लागू होंगे। उन्होंने आगे बताया कि नए दिशा-निर्देशों के तहत प्ले-वे स्कूलों में दाखिले के लिए बच्चों का कोई स्क्रीनिंग टेस्ट या माता-पिता का इंटरव्यू नहीं होगा। प्ले-वे स्कूलों में एक शिक्षक अधिकतम 20 बच्चों को पढ़ाएगा। स्कूल की चारदीवारी पूरी तरह सुरक्षित होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों को किसी भी प्रकार से डराने या धमकाने पर प्रतिबंध होगा। बच्चों पर पढ़ाई का कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा।

प्ले-वे स्कूलों में पुस्तकालय की व्यवस्था तथा बच्चों के स्वास्थ्य का रिकॉर्ड रखना भी अनिवार्य किया गया है। बच्चों की सुरक्षा के लिए फायर सेफ्टी और स्वास्थ्य सुविधाओं की समय-समय पर जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्ले-वे स्कूल की इमारत हवादार होनी चाहिए, स्कूल की चारदीवारी सुरक्षित होनी चाहिए और साफ-सुथरा पीने योग्य पानी उपलब्ध होना चाहिए। इसके साथ ही एक केयरटेकर की व्यवस्था भी होनी चाहिए। स्कूल की आंतरिक संरचना, रेस्ट रूम की व्यवस्था, लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय तथा सभी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाना भी अनिवार्य किया गया है। प्ले-वे स्कूल का कोई भी पदाधिकारी या स्टाफ सदस्य बच्चों से संबंधित कानूनों, जैसे पॉक्सो एक्ट 2012, जे.जे. एक्ट 2015 और चाइल्ड लेबर एक्ट 1986 के तहत दोषी करार दिया गया व्यक्ति नहीं होना चाहिए।

उन्होंने आगे बताया कि अब प्ले-वे स्कूलों के पंजीकरण की प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू कर दी गई है और स्कूल मालिक/ट्रस्ट ई-सेवा पोर्टल के माध्यम से सुविधा केंद्रों से अपना नया पंजीकरण और नवीनीकरण करवा सकते हैं।

जिला संगरूर में चल रहे तथा प्ले-वे स्कूल शुरू करने के इच्छुक स्कूल मालिकों/ट्रस्टों को निर्देश दिया गया है कि वे जल्द से जल्द नए दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपना पंजीकरण करवाएं। उन्होंने कहा कि दिशा-निर्देशों का पालन न करने और पंजीकरण न करवाने की स्थिति में संबंधित स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों का दाखिला ऐसे प्ले-वे स्कूलों में करवाने को प्राथमिकता दें, जो पहले से ही विभाग के साथ पंजीकृत हैं।

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