फरीदकोट/संधवां, 14 अगस्त,2026 (दीपक दत्ता): पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के गांव संधवां स्थित आवास के बाहर पिछले आठ दिनों से चल रहा भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर का धरना शुक्रवार को पुलिस ने हटा दिया। कार्रवाई के दौरान किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई और मौके पर काफी हंगामा देखने को मिला।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में पुलिस बल पीआरटीसी की बसों के साथ धरना स्थल पर पहुंचा। पुलिस ने प्रदर्शनकारी किसानों को वहां से हटाकर बसों में बैठाया और करीब 200 किसानों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन ले जाया गया। इसके साथ ही धरना स्थल पर लगाए गए किसानों के टेंट भी हटा दिए गए।
किसान नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने बल प्रयोग कर शांतिपूर्ण धरना समाप्त करवाया। कार्रवाई के दौरान किसानों ने सरकार और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की।
इन मांगों को लेकर चल रहा था धरना
किसान संगठन की प्रमुख मांगों में कर्ज के कारण आत्महत्या करने वाले हरी नौ गांव के किसानों के परिवारों से किए गए वादे पूरे करना शामिल था। इसके अलावा किसानों ने कृषि सहकारी बैंक सहित अन्य बैंकों में पड़े खाली चेक वापस करवाने तथा खनौरी और शंभू बॉर्डर पर चोरी हुए किसानों के सामान का मुआवजा देने की मांग उठाई थी।
इससे पहले 9 अगस्त को किसान नेताओं की स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के साथ बैठक भी हुई थी। स्पीकर ने उस दौरान कहा था कि सरकार की ओर से वादे के मुताबिक हरी नौ के पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता पहले ही दी जा चुकी है। साथ ही परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरी देने के संबंध में सरकार को पत्र भेजे जाने की जानकारी दी गई थी।
किसान नेता जसवीर सिंह रुपइयांवाला और नायब सिंह ने पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है और मांगें मानने के बजाय प्रदर्शन कर रहे किसानों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
किसान नेताओं ने दावा किया कि 200 से अधिक किसानों को हिरासत में रखा गया है। वहीं, हिरासत में लिए गए किसानों को लेकर पुलिस अधिकारियों की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।






