पटियाला (जगप्रीत महाजन/छतरपाल सिंह): वर्ष 2019 में कराओके गायन को एक व्यवस्थित मंच देने की छोटी-सी कोशिश के रूप में शुरू हुआ कराओके फ्यूजन क्लब चंडीगढ़ आज अपनी सात साल की शानदार संगीत यात्रा पूरी कर चुका है। इस अवसर पर क्लब का 325वां ऐतिहासिक गायन कार्यक्रम पटियाला स्थित एक नामवर होटल में डॉ. रविंदर सिंह, डॉ. इंद्रजीत कौर और डॉ. परमजीत सिंह जौरा द्वारा बड़े उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इसी कार्यक्रम के दौरान क्लब के पटियाला चैप्टर की भी शुरुआत की गई। क्लब के संस्थापक डॉ. आई.एस. कंग ने इस अवसर पर पटियाला निवासियों का विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि क्लब ने संगीत प्रेमियों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को ऐसा मंच उपलब्ध करवाया है, जहां वे गा सकते हैं, आपस में मिल-जुल सकते हैं और एक-दूसरे से जुड़े रह सकते हैं। क्लब की शुरुआत ऑनलाइन कार्यक्रमों से हुई थी और यह संगीत यात्रा अब 325वें गायन कार्यक्रम तक पहुंच चुकी है। क्लब के सदस्य केवल ट्राईसिटी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में भी संगीत कार्यक्रम आयोजित करते हैं। क्लब ने संगीत को सामाजिक सेवा के साथ जोड़ने का प्रयास भी किया है। पटियाला में आयोजित 325वें कार्यक्रम में 50 से अधिक गायन प्रतिभागी दिल्ली, गुरुग्राम, चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला और पटियाला सहित विभिन्न स्थानों से पहुंचे। इतनी बड़ी संख्या में सदस्यों का एक साथ पटियाला पहुंचना क्लब की बढ़ती लोकप्रियता और सदस्यों के बीच बने मजबूत रिश्तों को दर्शाता है। इस अवसर पर डॉ. आई.एस. कंग और मैडम अरविंदर कौर ने “गाता रहे मेरा दिल”, अरुण अरोड़ा ने “ऐसा देश है मेरा”, एस.एस. भूमरा ने “यार मेरी बाहों में आजा”, दिनेश कुमार ने “आज की रात मेरे दिल की सलामी”, डॉ. आरती चोपड़ा बेदी ने “जाने क्यों लोग मोहब्बत”, डॉ. पी.जे.एस. जौरा ने “कभी किसी को मुकम्मल जहां”, डॉ. के.पी. सिंह ने “मुझे कितना प्यार है तुमसे”, डॉ. आई.एस. कंग ने “जब मोहब्बत जवां/देखना है हाय रे” तथा डॉ. आर.पी. बांसल ने “मेरे दीवानेपन की भी दवा नहीं” जैसे गीत प्रस्तुत किए। इसी तरह डॉ. रविंदर सिंह, डॉ. इंद्रजीत कौर और डॉ. परमजीत सिंह जौरा ने “दिल ने फिर याद किया/मेरे मितवा मेरे”, डॉ. रविंदर सिंह ने “मेरे मितवा मेरे मीत रे”, डॉ. संजीव पलटा ने “एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा”, गुरमीत सिंह ने “तुम्हारी जुल्फ के साए में”, जगमोहन सिंह ने “तेरी खुशबू में बसे खत”, जुगेेश कुमार ने “ऐ मेरी नटखटी कॉलेज की लड़कियां”, खुशजीत सिंह ने “एन.वाई.डी.”, मनजीत बांसल ने “कौन है जो सपनों में आया”, नरेश कौशिक ने “तारे गिन-गिन याद में” (पंजाबी) और नवीन दीवान ने “दमा दम मस्त कलंदर” गीत प्रस्तुत किए। इसके अलावा पंकेश कुमार ने “ओ दिलबर जानिए, तेरे हैं हम तेरे”, परवेश ने “इस तरह मोहब्बत की शुरुआत”, मैडम अरविंदर कौर ने “सयोनारा”, पी.एस. परवाना ने “दिल का भंवर करे पुकार”, प्रेम नाथ सिंगला ने “सोचा था मैंने तो जान मेरी”, प्रीतम चंदेल ने इंस्ट्रूमेंटल प्रस्तुति, दविंदर सिंह पुरी ने “दीवाना लेके आया है दिल का तराना”, एस. पाल आहूजा ने “दिल उसे दो जो जान दे दे”, एस.पी. दुग्गल ने “कितना अच्छा लग रहा/तू जो नहीं है तो कुछ भी नहीं”, सर्वजीत कौर ने “दिल का दिया जला के/ये कौन मेरी तन्हाई”, श्याम सुंदर ने “दिल क्या करे जब किसी से”, तेजवंश बेदी ने “बेकरार करके हमें यूं न जाइए” और वीरेंद्रप्रीत सिंह ने “तुम अगर साथ देने का वादा करो” सहित कई गीत प्रस्तुत किए। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की रौनक उस समय और बढ़ गई, जब विशेष अतिथि के रूप में हरप्रीत सिंह दरदी, डायरेक्टर चढ़दीकला टाइम टीवी ने शिरकत की। इसके अलावा पी.एस. परवाना, पूर्व अनाउंसर ऑल इंडिया रेडियो, जगमोहन सिंह, देवदत्त शर्मा, जीएम (मार्केटिंग), फोर्टिस मोहाली, खुशजीत सिंह, गुरुग्राम, वीरेंद्रप्रीत सिंह, सीनियर मैनेजर, एच.सी.एल.टेक, नोएडा, नई दिल्ली, प्रसिद्ध गायिका अरविंदर कौर और इरिगेशन मटेरियल सर्विसेज एसोसिएशन पंजाब के राज्य प्रेस सचिव जगप्रीत सिंह महाजन सहित अन्य गणमान्य लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।






