टोहाना, 18 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): फतेहाबाद राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मंगलवार को राज्यसभा सांसद सुभाष बराला से मुलाकात कर राइस मिलिंग उद्योग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं एवं मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने सीएमआर की स्वीकृति एवं उठान में आ रही दिक्कतों सहित अन्य विषयों से सांसद को अवगत करवाते हुए इनके समाधान की मांग की।

राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि व्यापारी एवं किसान हित को ध्यान में रखते हुए उनकी मांगों को प्रदेश और केंद्र सरकार के संज्ञान में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता किसानों को उनकी उपज का उचित प्रबंधन एवं बाजार उपलब्ध करवाने के साथ-साथ व्यापार एवं उद्योग से जुड़े लोगों के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना है। राइस मिलिंग व्यवस्था कृषि आधारित अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है, इसलिए इससे जुड़े व्यावहारिक विषयों पर संबंधित स्तर पर बातचीत की जाएगी।
एसोसिएशन ने राज्यसभा सांसद को बताया कि केएमएस 2025-26 के दौरान हरियाणा के करीब 1,400 राइस मिलर्स को 62.12 लाख मीट्रिक टन धान आवंटित किया गया था। इसके एवज में 41.62 लाख मीट्रिक टन सीएमआर एफसीआई को दिया जाना था, जिसमें से 34.68 लाख मीट्रिक टन सीएमआर की आपूर्ति हो चुकी है, जबकि लगभग 6.94 लाख मीट्रिक टन सीएमआर अभी लंबित है। प्रतिनिधिमंडल ने सीएमआर की स्वीकृति एवं उठान की प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग रखी।
श्री बराला ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों का उद्देश्य किसान, व्यापारी, उद्यमी और आमजन सभी के हितों में संतुलन स्थापित करते हुए कृषि एवं अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि किसानों की फसल की खरीद, भंडारण और प्रोसेसिंग की पूरी व्यवस्था में राइस मिलर्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में मिलर्स के समक्ष आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों का समाधान होने से किसानों को भी इसका सकारात्मक लाभ मिलेगा।
उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि ज्ञापन में रखी गई मांगों को उचित स्तर पर उठाया जाएगा और व्यापारी हित में समाधान की संभावनाओं पर केंद्र एवं प्रदेश सरकार के संबंधित विभागों से बातचीत की जाएगी। राइस मिलर्स एसोसिएशन ने सांसद सुभाष बराला का आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि सरकार के स्तर पर उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।






