संगरूर, 20 अगस्त,2026 (अमनदीप सरां): पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज मस्तूआणा साहिब में श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित कीर्तन दरबार में संगत के साथ माथा टेका। उन्होंने गुरु साहिब के महान जीवन, दर्शन और पवित्र शिक्षाओं को हर घर तक पहुंचाने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि गुरु जी महाराज का भाईचारे, समानता और आत्मसम्मान का सार्वभौमिक संदेश एक आदर्श समाज के निर्माण के प्रयासों में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को लगातार मार्गदर्शन दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब भर में श्री गुरु रविदास जी महाराज का 650वां प्रकाश पर्व व्यापक स्तर पर मनाने के लिए 100 करोड़ रुपये की राशि आरक्षित की गई है।

सर्वशक्तिमान परमात्मा से आशीर्वाद मांगते हुए मुख्यमंत्री मान ने पंजाब की चढ़दी कला, खुशहाली और प्रत्येक परिवार की तरक्की के लिए अरदास की। उन्होंने दोहराया कि सरकार सभी की भलाई और गुरु साहिबान तथा शहीदों की महान विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहेगी।
इस पवित्र समागम की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “आज मुझे मस्तूआणा साहिब में श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित करवाए गए विशाल कीर्तन दरबार में नतमस्तक होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। गुरु साहिब का सर्वसाझीवालता और समानता का संदेश हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”
उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में लिखा कि उनकी सरकार गुरु साहिबान और शहीदों के गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। गुरु घरों और प्रकाश पर्व से संबंधित कार्यक्रमों के लिए सरकारी खजाने के दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे। उन्होंने वाहेगुरु के समक्ष अरदास की कि पंजाब हमेशा खुशहाल और चढ़दी कला में रहे तथा हर परिवार अधिक से अधिक तरक्की करे।
नगर कीर्तन के अवसर पर संगत को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज सभी के लिए बहुत ही शुभ दिन है, क्योंकि श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को मनाने के लिए यह समागम आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि उन्हें यह सेवा निभाने का अवसर मिला। कीर्तन समागम के दौरान रागी जत्थों ने श्री गुरु रविदास जी महाराज की पवित्र गुरबाणी का गायन कर संगत को निहाल किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समागम का मुख्य उद्देश्य गुरु साहिब के सामाजिक समानता और प्रभु भक्ति के पवित्र संदेश का अधिक से अधिक प्रसार करना है। श्री गुरु रविदास जी महाराज ने अपना पूरा जीवन समाज के दबे-कुचले और हाशिए पर धकेले गए वर्गों के अधिकारों की आवाज बुलंद करने में समर्पित कर दिया। उन्होंने मानवता को जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता जैसी बुराइयों को समाप्त करने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य ऐसे समागमों के माध्यम से युवा पीढ़ी को श्री गुरु रविदास जी महाराज की महान शिक्षाओं से जोड़ना है, ताकि वे समानता पर आधारित समाज के निर्माण में अपना योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि यह समागम सही अर्थों में श्री गुरु रविदास जी महाराज को विनम्र श्रद्धांजलि है।
समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों की समस्याओं को दूर करने के लिए अथक मेहनत करने का प्रण लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार गरीब से गरीब व्यक्ति की भलाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए कई अनूठी पहल की जा रही हैं। श्री गुरु रविदास महाराज जी ने सर्वत के भले और समाज के सभी वर्गों की समानता का संदेश दिया। उन्होंने ऐसे आदर्श और समस्याओं से मुक्त समाज की कल्पना की, जहां किसी को भी कोई दुख न सहना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार श्री गुरु रविदास महाराज जी की शिक्षाओं और दर्शन पर आधारित समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। श्री गुरु रविदास महाराज जी का जीवन और उनकी शिक्षाएं मानवता को समानता वाले समाज के निर्माण की दिशा में मार्गदर्शन देती हैं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी समाज के गरीब और पिछड़े वर्गों के महान आध्यात्मिक मार्गदर्शक और मसीहा थे तथा उन्होंने हमें नेक और सदाचारी जीवन जीना सिखाया।
उन्होंने कहा कि यह प्रकाश पर्व ऐसे समाज के निर्माण के लिए स्वयं को समर्पित करने का अवसर है, जहां हर इंसान बिना किसी भेदभाव के आत्मसम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को अभूतपूर्व ढंग से मना रही है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सौभाग्यशाली रही कि उसे श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को मनाने का अवसर मिला, जिसके तहत कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी संदर्भ में श्री आनंदपुर साहिब की पवित्र धरती पर राज्य विधानसभा का विशेष सत्र भी आयोजित किया गया था।
उन्होंने कहा कि अपनी शिक्षाओं के माध्यम से श्री गुरु रविदास जी महाराज ने जात-पात के भेदभाव और सामाजिक असमानता के खिलाफ बेबाकी से आवाज बुलंद की तथा मानवता को शांति, दया, समानता और सम्मान का रास्ता दिखाया। श्री गुरु रविदास जी महाराज का जन्म उस समय हुआ जब समाज जात-पात में बुरी तरह जकड़ा हुआ था और ऊंच-नीच तथा बड़े-छोटे के निराधार भेदभाव में बंटा हुआ था। समाज को बांटने की कोशिश करने वाली ताकतों के खिलाफ एक नवचेतना की लहर उठी, जो बाद में भक्ति आंदोलन के रूप में प्रसिद्ध हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी बाणी के माध्यम से श्री गुरु रविदास जी महाराज ने वर्ग-विभाजन से मुक्त ऐसे समाज की कल्पना की थी, जिसमें कोई भी व्यक्ति वंचित न रहे। उन्होंने लोगों को सामाजिक असमानताओं की खोखली धारणाओं को खारिज करने और भेदभाव को समाप्त करने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार श्री गुरु रविदास जी महाराज के सपने के अनुसार खुशहाल और समानता पर आधारित समाज बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ है और इस पर नफरत और वैर के अलावा कुछ भी उग सकता है। पंजाब उन महान गुरुओं, संतों और पैगंबरों की पवित्र धरती है, जिन्होंने हमें आपसी प्रेम और संतोष का रास्ता दिखाया।
उन्होंने कहा कि इस भाईचारे और प्रेम की कड़ियों को तोड़ने के लिए कई लोगों ने प्रयास किए, लेकिन यह धरती पवित्र है और इसलिए ऐसे नापाक मंसूबे विफल साबित हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में भाईचारे, आपसी सद्भाव और शांति के बंधन बहुत मजबूत हैं, क्योंकि लोग सभी त्योहार मिल-जुलकर मनाते हैं। पंजाब धार्मिक सद्भाव की धरती है और यहां विभाजनकारी ताकतें सफल नहीं होंगी। पंजाबियों के सामाजिक बंधन बहुत मजबूत हैं और वे हमेशा अच्छे-बुरे समय में एक-दूसरे के साथ खड़े रहते हैं। इसलिए विभाजनकारी ताकतों के नापाक मंसूबे यहां कभी सफल नहीं हो सकते।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।
भगवंत मान सरकार श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को साल भर चलने वाले कीर्तन समागमों, सेमिनारों, डॉक्यूमेंट्री शो, ड्रोन शो और शोभायात्रा के साथ मना रही है।
650वें प्रकाश पर्व समारोहों के तहत विभिन्न शहरों में विशेष कीर्तन समागम आयोजित किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालयों में सेमिनार करवाए जा रहे हैं और पंजाब के सभी 13,000 गांवों में 50 मोबाइल वैन के माध्यम से डॉक्यूमेंट्री शो आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अलावा ड्रोन शो भी करवाए जा रहे हैं।






