धूरी, 20 अगस्त 2026 (विशाल गुप्ता): धूरी में आयोजित ‘तीआं के मेले’ में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की बेटियों और महिलाओं के सम्मान व आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब की बेटियों को अब ‘बेचारियां’ नहीं, बल्कि ‘शेरनियां’ के रूप में देखा जाना चाहिए, जो हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं।


मुख्यमंत्री ने बताया कि मावां-धियां सत्कार योजना के तहत 75.24 लाख महिलाओं को सम्मान राशि मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि 1 अगस्त 2026 तक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 2,274.42 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता सीधे जमा की जा चुकी है।
सी.एम. मान ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए पिछले चार वर्षों में करीब 29,000 स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं, जिनसे लगभग 3 लाख महिलाएं जुड़ी हैं। इन समूहों को 631 करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त ऋण भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पंजाब सरकार की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा भी मिल रही है।

‘तियां का मेला’ को पंजाब की लोक संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गिद्धा, बोलियां, लोकगीत, फुलकारी और पारंपरिक पहनावा पंजाब की पहचान हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की महिलाएं शिक्षा, खेल, प्रशासन, कारोबार, कला और कृषि सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि शासन, अर्थव्यवस्था और राजनीति में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना पंजाब को देश में अग्रणी बनाना संभव नहीं है।

सीएम मान ने सरकार की अन्य उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत परिवारों को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिल रहा है। राज्य में 1,090 आम आदमी क्लीनिक संचालित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नहरी सिंचाई का दायरा बढ़ाकर 80 प्रतिशत किया गया है और 1,587 गांवों के खेतों तक नहरी पानी पहुंचाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को योग्यता के आधार पर 69,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने पंजाब की सांस्कृतिक विरासत, भाईचारे और शांति को मजबूत करते हुए ‘रंगला पंजाब’ बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर, डॉ. गुरप्रीत कौर मान सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।






