Wednesday, August 26, 2026
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चार वर्षों में 3.64 लाख विद्यार्थियों ने निजी स्कूल छोड़ सरकारी स्कूलों को चुना: हरजोत सिंह बैंस

चंडीगढ़, 22 अगस्त, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि राज्य की स्कूली शिक्षा में हो रहे बदलाव का असर अब विद्यार्थियों और अभिभावकों के रुझान में भी दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार, पिछले चार वर्षों के दौरान 3.64 लाख विद्यार्थियों ने निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों में दाखिला लिया है।
बैंस ने दावा किया कि पंजाब ने NITI Aayog की 2026-27 से संबंधित रिपोर्ट में स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में पहला स्थान हासिल किया है। उनके मुताबिक, यह उपलब्धि सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, डिजिटल सुविधाओं का विस्तार करने और शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।
सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर सीखने का माहौल उपलब्ध कराने के लिए स्कूल भवनों, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और अन्य बुनियादी सुविधाओं को अपग्रेड किया गया है। इसके साथ ही स्कूलों में वाई-फाई और डिजिटल कनेक्टिविटी को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा संसाधनों तक आसानी से पहुंच मिल सके।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों को केवल बुनियादी शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
NEET और JEE में बढ़ी विद्यार्थियों की सफलता: हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि पंजाब के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों द्वारा मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं, विशेष रूप से NEET और JEE, में सफलता हासिल करने वाले विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
उनके अनुसार, यह रुझान दर्शाता है कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और देश की कठिन प्रवेश परीक्षाओं में प्रतिस्पर्धा करने के लिए आवश्यक अवसर और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सरकारी स्कूलों पर बढ़ रहा अभिभावकों का भरोसा : मंत्री ने कहा कि 3.64 लाख विद्यार्थियों का निजी से सरकारी स्कूलों की ओर आना सरकारी शिक्षा व्यवस्था के प्रति अभिभावकों के बढ़ते भरोसे का संकेत है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सरकारी स्कूलों को ऐसे शिक्षा केंद्रों के रूप में विकसित करना है, जहां विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक सुविधाएं और कौशल विकास के अवसर भी मिलें।
बैंस ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों का उद्देश्य केवल रैंकिंग में सुधार करना नहीं है, बल्कि हर विद्यार्थी को बेहतर शिक्षा, समान अवसर और भविष्य के लिए मजबूत आधार उपलब्ध कराना है।
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