कुरुक्षेत्र 25 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश के श्रमिक वर्ग की भलाई के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं में असंगठित क्षेत्र के पंजीकृत श्रमिकों के लिए हरियाणा पितृत्व लाभ योजना चलाई जा रही है। भवन एवं निर्माण असंगठित श्रम कल्याण बोर्ड की ओर से यह योजना चलाई जा रही है। जिसके तहत असंगठित क्षेत्र के सभी पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों के जन्म पर 21 हजार रूपए की वित्तीय सहायता दी जाती है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि इस योजना का लाभ लेने के लिए असंगठित वर्ग के पंजीकृत श्रमिक की एक वर्ष की नियमित सदस्यता होनी चाहिए। इसके उपरांत ही हरियाणा पितृत्व लाभ योजना के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए श्रम विभाग की अधिकारिक वेबसाईट एचआरवाईलेबर.जीओवी.इन पर आवेदन करना होगा। यह योजना हरियाणा के पंजीकृत श्रमिकों के परिवार की भलाई के लिए है। एक श्रमिक के परिवार में शिशु जन्म पर पत्नी और संतान को अच्छा स्वास्थ्य और बेहतर खानपान मिल सके, इसी के लिए उसको 21 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत नवजात शिशु की उचित देखभाल के लिए 15 हजार रुपए तक की वित्तीय सहायता एवं पंजीकृत श्रमिक की पत्नी के लिए पौष्टिक आहार हेतु 6 हजार रुपए की सहायता यानी कुल 21 हजार रुपए पितृत्व लाभ के रूप में दिए जाते है।
उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से गरीब श्रमिक के बच्चे और पत्नी को भी बेहतर पोषण मिल सकेगा। सामान्य स्थिति में बहुत से श्रमिकों के लिए अपने परिवार को संतान जन्म पर अच्छी खुराक देना मुश्किल होता है। राज्य सरकार की इस पितृत्व लाभ योजना के सहारे श्रमिक को अपनी पत्नी और संतान के भरण-पोषण के लिए अनुदान प्राप्त होगा। जिससे उनका स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा तथा मां व बच्चे की सेहत दुरूस्त रहेगी। इस योजना के लिए पात्रता के रूप में पितृत्व लाभ दो बच्चों तक दिया जाता है। लेकिन बच्चों का क्रम न देखते हुए तीन लड़कियों तक दिया जाता है, बच्चों के जन्म के उपरान्त, जन्म प्रमाण-पत्र (सत्यापित प्रति) संलग्न करना आवश्यक है, सभी दस्तावेजों के साथ प्रसव के एक वर्ष की अवधि के अंदर सक्षम अधिकारी के पास जमा करवाना अनिवार्य है, पत्नी द्वारा किसी भी विभाग/बोर्ड/निगम से मातृत्व लाभ लेने की अवस्था में पितृत्व लाभ देय नहीं होगा।






