संगरूर, 26 अगस्त,2026 (जगदेव रंचना): पी.एम. विश्वकर्मा योजना 17 सितंबर को अपने तीन साल पूरे करने जा रही है। इसी कड़ी के तहत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय, लुधियाना द्वारा आज स्थानीय होटल न्यू मयूर में पीएम विश्वकर्मा ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यालय द्वारा लगाए गए इस आठवें कैंप में जिले भर के 121 पंजीकृत पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों ने हिस्सा लिया।

कैंप के दौरान जिला उद्योग केंद्र, संगरूर के महाप्रबंधक के स्टाफ द्वारा मौके पर ही 27 उद्यम रजिस्ट्रेशन पूरे किए गए। इसके साथ ही इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक द्वारा 11 कारीगरों को डिजिटल भुगतान प्राप्त करने के लिए क्यूआर कोड बनाकर दिए गए। जो कारीगर सुबह अपने कारोबार की किसी औपचारिक पहचान के बिना पहुंचे थे, उनमें से कई शाम तक पंजीकृत उद्यमी बनकर लौटे।
दिनभर में छह तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। लाभार्थियों को सबसे पहले योजना के विभिन्न घटकों, पात्रता और लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यावहारिक सत्र में कारीगरों को बताया गया कि एआई उपकरणों की मदद से वे अपने उत्पादों की तस्वीरों को बेहतर कैसे बना सकते हैं, उत्पाद का विवरण कैसे तैयार कर सकते हैं और ग्राहकों से कैसे संपर्क कर सकते हैं।
लेबलिंग और ब्रांडिंग सत्र में ऐसे मुफ्त और कम लागत वाले डिजाइन टूल्स की जानकारी दी गई, जिनका इस्तेमाल कारीगर किसी डिजाइनर की मदद के बिना स्वयं कर सकते हैं।

साइबर सुरक्षा सत्र में ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीकों की जानकारी साझा की गई। इसके बाद ब्रांडिंग, डिजाइन और पैकेजिंग, मार्केटिंग एवं ऑनलाइन बिक्री तथा वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता से संबंधित सत्र आयोजित किए गए। इनमें ऋण अनुशासन, औपचारिक बैंकिंग माध्यमों और कारोबार की योजना बनाने जैसे विषयों पर जानकारी दी गई।
ऑनलाइन बिक्री को लेकर कारीगरों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई लाभार्थियों ने कम से कम कागजी कार्रवाई के साथ अपना कारोबार ऑनलाइन शुरू करने की इच्छा जताई, जिन्हें मीशो पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया समझाई गई। इन कारीगरों को वास्तविक ऑनलाइन विक्रेता बनाने के लिए जल्द ही विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा।
कैंप की सफलता में सभी सहयोगी संस्थाओं के आपसी तालमेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय, लुधियाना ने कैंप का आयोजन किया। पंजाब की पीएम विश्वकर्मा राज्य स्तरीय परियोजना प्रबंधन इकाई ने लाभार्थियों को जोड़ने और तकनीकी प्रशिक्षण देने में अहम योगदान दिया। जिला उद्योग केंद्र, संगरूर ने मौके पर रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध करवाई, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ने डिजिटल भुगतान की व्यवस्था की और लीड जिला मैनेजर, संगरूर ने बैंकिंग सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। पांचों संस्थाओं के एक मंच पर आने से कारीगर सुबह जानकारी प्राप्त कर दोपहर तक अपना रजिस्ट्रेशन करवाने में सफल रहे।
अधिकारियों ने बताया कि योजना के शुरुआती वर्षों में कारीगरों को पहचान और रजिस्ट्रेशन दिलाने पर जोर रहा है। अब लक्ष्य इस पहचान को बेहतर आजीविका और मजबूत बाजार पहुंच में बदलना है, जिसमें ऐसे कैंप ठोस भूमिका निभा रहे हैं।
पीएम विश्वकर्मा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार की केंद्रीय क्षेत्र योजना है, जिसकी शुरुआत 17 सितंबर 2023 को हुई थी। योजना के तहत हाथों और औजारों से काम करने वाले 18 पारंपरिक व्यवसायों के कारीगरों को प्रमाण पत्र और पहचान पत्र, वजीफे सहित कौशल प्रशिक्षण, टूलकिट प्रोत्साहन राशि, बिना गारंटी रियायती ब्याज दर पर ऋण, डिजिटल लेनदेन पर प्रोत्साहन और मार्केटिंग सहायता प्रदान की जाती है।






