हरियाणा, 26 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने आज यहां हरियाणा निवास में उच्च शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान मंत्री ने प्रदेश में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के स्तर में गुणात्मक सुधार लाने तथा शिक्षण संस्थानों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए।
स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का व्यापक सर्वेक्षण पूरा
शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने बताया कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का व्यापक सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। इस सर्वेक्षण के आधार पर प्रत्येक जिले में स्कूलों की तत्काल जरूरतों और कमियों की सही पहचान की गई है। इसी डेटा के आधार पर अब आवश्यकता के अनुसार विकास योजनाएं तैयार की जा रही हैं। स्कूलों की इमारतों के निर्माण, मरम्मत और अन्य आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है तथा इसके लिए आवश्यक धनराशि बिना किसी देरी के जारी की जा रही है।

नवंबर 2026 तक स्कूलों में उपलब्ध होंगे ड्यूल डेस्क
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर और आरामदायक कक्षा का माहौल उपलब्ध करवाने के लिए ड्यूल डेस्क की खरीद प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई है। वर्तमान में टेंडर प्रक्रिया जारी है और विभाग का लक्ष्य है कि नवंबर 2026 तक सभी लक्षित स्कूलों में ड्यूल डेस्क उपलब्ध करवा दिए जाएं।
250 सी.एम.-ई.ई.ई. स्कूल बनेंगे राज्य के ‘मॉडल स्कूल’
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 250 सी.एम.-ई.ई.ई. स्कूलों की पहचान की गई है। पीएम-श्री स्कूलों की विकास प्रक्रिया से जुड़े इन स्कूलों का चयन कड़े मानदंडों के आधार पर किया गया है। इनके लिए विशेष ‘स्कूल विकास योजनाएं’ तैयार की गई हैं, जिनसे यहां पढ़ाई के माहौल, शैक्षणिक गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय सुधार होगा। इन्हें राज्य के प्रमुख मॉडल स्कूलों के रूप में स्थापित किया जाएगा।
विदेशी भाषाएं सीखने का अवसर और ‘सुपर 100’ का विस्तार
मंत्री ने कहा कि फ्रांस के दूतावास के सहयोग से 60 शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर 26 सरकारी स्कूलों में फ्रेंच भाषा की कक्षाएं शुरू कर दी गई हैं। वहीं जर्मन भाषा के लिए 80 शिक्षकों का चयन किया गया है और जर्मन दूतावास के सहयोग से प्रशिक्षण प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों को आईआईटी और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने वाले ‘सुपर 100’ कार्यक्रम में सीटों की संख्या 400 से बढ़ाकर 500 कर दी गई है। इसके दो ऑफलाइन केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया भी सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। इससे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर मार्गदर्शन मिल सकेगा।
स्कूल प्रबंधन समिति का सशक्तिकरण और निपुण हरियाणा मिशन
स्थानीय समुदाय और अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) को मजबूत किया गया है। अब 1 लाख रुपये तक के विकास कार्य सक्षम अधिकारी की मंजूरी से और 25 लाख रुपये तक के बुनियादी ढांचे से संबंधित कार्य एडीसी की मंजूरी से करवाए जा सकते हैं।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के तहत ‘निपुण हरियाणा मिशन’ का विस्तार कक्षा 5 तक किया गया है। चालू वर्ष में इसे कक्षा 4 तक लागू किया जा रहा है। बालवाटिका-3 से कक्षा 4 तक के विद्यार्थियों का ‘निपुण हरियाणा टीचर ऐप’ के माध्यम से डिजिटल मूल्यांकन किया गया है। बच्चों के सीखने के स्तर के अनुरूप नई पाठ्य-पुस्तकें विकसित की जाएंगी।
उच्च शिक्षा और सरकारी कॉलेजों को किया जाएगा मजबूत
शिक्षा मंत्री ने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी सरकारी कॉलेजों में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाए और ऐसा माहौल तैयार किया जाए, जिससे सरकारी कॉलेजों में विद्यार्थियों के दाखिले में वृद्धि हो।
बैठक में उच्च शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह, हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, माध्यमिक शिक्षा के महानिदेशक श्री जितेंद्र दहिया, निदेशक श्रीमती मनिका मलिक, उच्च शिक्षा के निदेशक श्री एस. नारायणन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






