हरियाणा, 10 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा में खेलों को अधिक व्यवस्थित और परिणाममुखी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण पहल करने का निर्णय लिया है। प्रदेश के पूरे खेल तंत्र को एकीकृत डिजिटल मंच से जोड़ने के लिए राज्य खेल पोर्टल स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेशभर में खेल बुनियादी ढांचे की व्यापक मैपिंग, साझा राज्य खेल कैलेंडर और जमीनी स्तर से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक प्रतिभाओं को तैयार करने के लिए टैलेंट-पाथवे फ्रेमवर्क विकसित किया जाएगा।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य खेल प्रशासनिक समिति की पहली बैठक में ये फैसले लिए गए।
बैठक में मौजूदा खेल सुविधाओं के अधिकतम उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। स्कूल-कॉलेजों, पंचायतों और शहरी संस्थाओं में उपलब्ध खेल सुविधाओं को साझा उपयोग व्यवस्था के तहत लाकर संस्थागत समय के बाद मान्यता प्राप्त खिलाड़ियों और खेल क्लबों को इनके इस्तेमाल का अवसर दिया जाएगा।
खेल विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी. कुमार ने बताया कि प्रस्तावित राज्य खेल पोर्टल प्रदेश के खेल तंत्र के लिए एक एकीकृत डिजिटल मंच होगा। इस पर खेल सुविधाओं और परिसंपत्तियों, प्रतियोगिताओं एवं प्रशिक्षण शिविरों, प्रशिक्षकों, खेल उपकरणों, खिलाड़ियों और उनकी उपलब्धियों से जुड़ी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। खेल बुनियादी ढांचे से जुड़े सभी विभाग, बोर्ड और निगम नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे, जो पोर्टल पर जानकारी को नियमित रूप से अपडेट रखेंगे।
प्रदेशभर में खेल विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायती राज संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, विश्वविद्यालयों और अन्य एजेंसियों के अधीन उपलब्ध खेल सुविधाओं की व्यापक मैपिंग कर एक आधारभूत डेटाबेस तैयार किया जाएगा। इससे खेल सुविधाओं में मौजूद कमियों की पहचान करने, संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने और भविष्य के खेल बुनियादी ढांचे के विकास के लिए वैज्ञानिक योजना बनाने में मदद मिलेगी।
विभिन्न विभागों और संस्थाओं द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं, टूर्नामेंटों, प्रशिक्षण शिविरों और अन्य खेल गतिविधियों को शामिल करते हुए एकीकृत राज्य खेल कैलेंडर तैयार किया जाएगा। इससे प्रतियोगिताओं की तारीखों में अनावश्यक टकराव से बचने, खेल सुविधाओं एवं संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और खिलाड़ियों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
खेल प्रतिभाओं की पहचान और उनके व्यवस्थित विकास के लिए टैलेंट-पाथवे फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा। इसकी शुरुआत स्कूल और पंचायत स्तर पर प्रतियोगिताओं तथा प्रतिभा पहचान से होगी। इसके बाद प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को जिला और राज्य स्तरीय केंद्रों के माध्यम से आगे बढ़ाते हुए आवश्यक प्रशिक्षण और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार हो सकें।
खेल विभाग के निदेशक श्री पार्थ गुप्ता ने बताया कि खिलाड़ियों को उपलब्ध कराए जा रहे प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति, पुरस्कार, खेल उपकरण, भोजन, परिवहन और अन्य सहायता की अधिक समन्वित निगरानी राज्य खेल पोर्टल के माध्यम से की जा सकेगी। इसके साथ ही खेल बुनियादी ढांचे में सुरक्षा और मानकों के पालन को भी मजबूत किया जाएगा। खेल मैदानों, स्टेडियमों, स्विमिंग पूल, जिम्नेजियम, फ्लडलाइट व्यवस्था, दर्शक दीर्घाओं और खेल उपकरणों की सुरक्षा जांच कम से कम हर छह महीने में सुनिश्चित की जाएगी और इसकी निगरानी को पोर्टल से जोड़ा जाएगा।
राज्य सरकार खेलों को अधिक समावेशी और व्यापक बनाने पर भी विशेष ध्यान देगी। महिला खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित खेल सुविधाओं, महिला प्रशिक्षकों की उपलब्धता तथा बेहतर आवास और परिवहन सहायता को मजबूत किया जाएगा। ग्रामीण युवाओं के लिए पंचायत स्तर के खेल मैदानों और ग्रामीण खेल गतिविधियों के अधिक उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।
दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रमुख खेल सुविधाओं की पहुंच की समीक्षा कर बाधारहित बुनियादी ढांचे और अनुकूलित खेल उपकरणों पर जोर दिया जाएगा। जिला स्तर पर खेल सुविधाओं, प्रशिक्षकों की उपलब्धता और खिलाड़ियों की भागीदारी का मूल्यांकन कर अपेक्षाकृत कम सुविधाओं वाले जिलों और ब्लॉकों की पहचान की जाएगी।
खेल प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए दो-स्तरीय व्यवस्था लागू की जाएगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य खेल प्रशासनिक समिति समग्र नीतिगत दिशा और रणनीतिक निगरानी प्रदान करेगी, जबकि राज्य खेल कार्यकारी समिति प्रशासनिक समिति के निर्णयों के क्रियान्वयन, विभागों के बीच समन्वय और प्रभावी अमल की जिम्मेदारी संभालेगी।
बैठक में विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजेंद्र कुमार, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री शेखर विद्यार्थी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






